
चंडीगढ़, 30 मार्च 2025। हरियाणा सरकार ने 31 मार्च को ईद-उल-फितर के अवसर पर राजपत्रित अवकाश के स्थान पर प्रतिबंधित अवकाश घोषित किया है। राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग के अंतर्गत मानव संसाधन (एच.आर.) शाखा द्वारा जारी ताज़ा अधिसूचना में इस बात की पुष्टि की गई है। यह निर्णय वित्तीय वर्ष 2024-2025 के अंतिम दिन होने के कारण लिया गया है।
प्रतिबंधित अवकाश का मतलब:
प्रतिबंधित अवकाश के दौरान सरकारी कार्यालय खुले रहेंगे और सामान्य कार्यवाही होती रहेगी। हालांकि, सरकारी कर्मचारी (आउटसोर्सिंग नीति के तहत काम करने वाले भी) अपने उच्च अधिकारी से पूर्व अनुमति प्राप्त कर अवकाश ले सकते हैं। राज्य सरकार द्वारा जारी वार्षिक अवकाश सूची में से किसी भी तीन प्रतिबंधित अवकाश का चयन किया जा सकता है।
एडवोकेट हेमंत कुमार की राय:
प्रशासनिक मामलों के जानकार एडवोकेट हेमंत कुमार के अनुसार, हरियाणा में यह पहली बार हो रहा है कि एक ही दिन में सरकारी कार्यालय खुले रहेंगे लेकिन बैंक बंद रहेंगे। इससे वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन (31 मार्च) सरकारी कार्यों और लेन-देन में असुविधा हो सकती है।
बैंकों में रहेगा सार्वजनिक अवकाश:
ईद-उल-फितर का त्यौहार सार्वजनिक अवकाश (पब्लिक हॉलिडे) की सूची में शामिल है। यह अवकाश नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट 1881 की धारा 25 के प्रावधानों के अंतर्गत घोषित किया गया है। अतः राज्य भर में स्थित सभी बैंक एवं अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहेंगे।
ऐतिहासिक निर्णय:
हरियाणा के इतिहास में संभवतः पहली बार ऐसा हो रहा है कि प्रदेश भर में सार्वजनिक अवकाश रहेगा, लेकिन प्रदेश सरकार के कार्यालय खुले रहेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इस निर्णय से वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन कार्यालयों में कामकाज सुचारू रहेगा, लेकिन बैंकों के बंद होने से लेन-देन में कठिनाई आ सकती है।