अदालत ने बिजली चोरी का मामला पाया गलत …….. बिजली निगम को दिए आदेश

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जुर्माना राशि का 7 प्रतिशत ब्याज दर सेे उपभोक्ता को करे भुगतान

गुडग़ांव, 28 मार्च (अशोक): बिजली निगम द्वारा उपभोक्ता पर लगाए गए बिजली चोरी केे मामले की सुनवाई करते हुए ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट मनजोत कौर की अदालत ने मामले को गलत पाते हुए बिजली निगम को आदेेश दिए हैं कि जमा कराई गई जुर्माना राशि का भुगतान 7 प्रतिशत ब्याज दर से उपभोक्ता को किया जाए।

सैक्टर 53 स्थित सरस्वती कुंज के उपभोक्ता रविंद्र चढ्ढा के अधिवक्ता क्षितिज मेहता से प्राप्त जानकारी के अनुसार उपभोक्ता के रायसीना स्थित फार्म हाउस पर वर्ष 2022 की 22 जून को बिजली निगम के कर्मचारियों ने मीटर चैकिंग की थी और बिजली चोरी का आरोप लगाते हुए उस पर एक लाख 29 हजार 562 रुपए का जुर्माना लगा दिया था और कहा कि यदि वह यह जुर्माना राशि जमा नहीं  कराएगा तो उसकेे सरस्वती कुंज के घर पर लगे बिजली के कनेक्शन के बिल में समायोजित कर कनेक्शन काट दिया जाएगा।

उपभोक्ता ने बिजली निगम के अधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन उसकी एक नहीं सुनी। बिजली कनेक्शन न कट जाए, इस भय से उसने जुर्माना राशि जमा करा दी। उपभोक्ता ने अदालत में केस दायर किया। अधिवक्ता का कहना है कि मामला अदालत में चला। बिजली निगम में अदालत में बिजली चोरी का मामला सिद्ध नहीं कर सका। जिस पर अदालत ने मामले को गलत पाते हुए बिजली निगम को आदेश दिए कि उपभोक्ता द्वारा जमा कराई गई जुर्माना राशि का भुगतान 7 प्रतिशत ब्याज दर से उपभोक्ता को किया जाए।  अधिवक्ता का कहना है कि अब उपभोक्ता बिजली निगम के अधिकारियों के खिलाफ मानहानि व परेशान करने का केस डालने की तैयारी में जुट गया है।

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Author: Bharat Sarathi

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