वो कहते है हम खर्ची पर्ची के बिना काम करते है, तो क्या पार्टी की टिकटे और पद बिना खर्ची पर्ची के दिए।

जो अपने क्षेत्र में अपने ही परिवार वालो को चुनाव जीतवा नही पाए, वे बने जिला अध्यक्ष।

गुरुग्राम: गुरुग्राम के समाजसेवी इंजीनियर गुरिंदरजीत सिंह अर्जुन नगर ने बीजेपी पर तंज कसते कहा कि जो बीजेपी पार्टी परिवारवाद के हमेशा खिलाफ बोलती है, उसकी कथनी और करनी में फर्क है।

बीजेपी का महिला सशक्तिकरण सिर्फ परिवारवाद

गुरिंदरजीत सिंह ने बताया कि हरियाणा के चुनावो चाहे विधान सभा के हो, या निकाय निगम चुनाव हो, में बीजेपी के उम्मीदवारो से साफ दिखाई देता है कि वे अपने पार्टी के सविंधान पर न चल कर परिवारवाद को बढ़ावा देते हुए अपने पार्टी के पदाधिकारियों या विधायको, पार्षदों आदि के रिश्तेदारों को ही टिकट दी थी।

यहाँ तक की बीजेपी ने ज़्यादातर जिन महिलाओ को टिकट दी, वे पदाधिकारियों या नेताओ के सगे संबंधी है।

आप को बता दे कि हाल ही में हुए हरियाणा मेयर चुनावो में 10 में से 9 सीटें बीजेपी ने जीती है।

जिस का विश्लेषण ये है:-

अंबाला:- बीजेपी की शैलजा संदीप सचदेवा को बीजेपी ने मेयर की टिकट दी। अब वे अंबाला की मेयर है। वे सन्दीप सचदेवा की पत्नी है जो मनोनीत पार्षद, नगर निगम अंबाला और प्रधान राष्ट्रीय पंजाबी महासंघ है।

यमुनानगर:-यमुना नगर से सुमन बहमनी को बीजेपी ने मेयर की टिकट दी। वे अब चुनाव जीत कर यमुनानगर की मेयर है।
सुमन बहमनी पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) है। वर्ष 2024 में उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) लेकर भाजपा की सदस्यता ग्रहण की और साढ़ौरा विधानसभा सीट से टिकट की दावेदारी की थी, लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला। 6 महीने पहले ही भाजपा में हुई थी शामिल 2024 में विधानसभा चुनाव से पहले अगस्त में सुमन बहमनी BJP में शामिल हुई थीं। उसके बाद उनको SC मोर्चा के प्रदेश कार्यकारिणी में सदस्य के तौर पर जगह दी गई। विधानसभा चुनाव में साढ़ौरा क्षेत्र से उनका नाम BJP कैंडिडेट के रूप में सामने आया था। उन्होंने VRS लेने के अगले दिन ही BJP को जॉइन कर लिया था।
इससे पहले उनके पति और आयुष विभाग के पूर्व निदेशक डॉ. सतपाल बहमनी भी भाजपा में शामिल हो गए थे।

करनाल :-रेनू बाला गुप्ता को बीजेपी ने मेयर की टिकट दी। और चुनाव जीत कर वे अब मेयर है। रेनू बाला गुप्ता के पति बृजभूषण गुप्ता को करनाल भाजपा का जिला अध्यक्ष है। रेनू बाला गुप्ता खुद दो बार मेयर रही है। विधानसभा चुनाव में करनाल विधानसभा से भाजपा से टिकट की भी मांगी थी।

पानीपत:-बीजेपी ने कोमल सैनी की मेयर की टिकट दी। अब वे पानीपत से मेयर है। उनके ससुर राज कुमार सैनी पार्षद रहे है। बीसी-बी वर्ग से आने वाली कोमल सैनी 2018 में वार्ड-11 से पार्षद बनी थी। कोमल भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष हैं।

सोनीपत:- राजीव जैन पत्नी कविता जैन जो बीजेपी हरियाणा सरकार मे कैबिनेट मंत्री के पति को टिकट दी। वे खुद भी हरियाणा सरकार के पूर्व मीडिया सलाहकर और मिनोरिटी के प्रदेश अध्यक्ष है।

फरीदाबाद :- बीजेपी ने फरीदाबाद से प्रवीण जोशी को टिकट दी, वे चुनाव जीत कर मेयर बन गयी। प्रवीन बत्रा जोशी प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष रहे रमेश जोशी की पुत्रवधू हैं। प्रवीन बत्रा जोशी हरियाणा राज्य बाल संरक्षण आयोग की वर्तमान में चेयरपर्सन है।

गुरुग्राम:- गुरुग्राम से बीजेपी ने मेयर टिकट राज रानी मल्होत्रा को दी। राजरानी मल्होत्रा भाजपा के दिग्गज नेता तिलक राज मल्‍होत्रा की पत्‍नी हैं। तिलक राज पहले गुरुग्राम भाजपा जिला अध्‍यक्ष पद भी संभाल चुके हैं। गुरुग्राम विधानसभा चुनाव भी तिलक राज मल्‍होत्रा लड़ चुके हैं लेकिन हार गए थे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हरियाणा के प्रभारी थे तब तिलक राज मल्‍होत्रा ने भाजपा का झंडा बुलंद किया था।

रोहतक:- राम अवतार को बीजेपी ने रोहतक से टिकट दी। राम अवतार वाल्मीकि वाल्मीकि समुदाय के बड़े नेता है। 3 बार चुनाव हारने पर भी आरएसएस में सक्रिय होने का मिला फायदा। रामअवतार वाल्मीकि को पूर्व मंत्री कैप्टन अभिमन्यु व ओमप्रकाश धनखड़ का करीबी माना जाता है।

इन पदों पर रहे रामअवतार वाल्मीकि रामअवतार वाल्मीकि वर्तमान में भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पद पर है। इससे पहले रामअवतार वाल्मीकि भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश सचिव व राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य के रूप में काम कर चुके है। वहीं, भाजपा संगठन में प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य व जिला उपाध्यक्ष के पद पर काम किया है।

हिसार:- बीजेपी ने प्रवीण पोपली को हिसार से मेयर टिकट दी। प्रवीण पोपली पंजाबी समुदाय से हैं, पिता राम सरूप RSS से जुड़े रहे, 20 साल से खुद पार्टी में सक्रिय। वे जिला महामंत्री का पद भी संभाल चुके हैं और वर्तमान में नमो एप के प्रदेश सह संयोजक भी हैं। संघी परिवार से होने के कारण स्थानीय नेताओं से लेकर हाईकमान तक उनकी पैरवी की गई। वे चुनाव जीत कर अब मेयर है।

मानेसर:- डॉ इन्द्रजीत यादव ने पहले बीजेपी से टिकट माँगा। डॉ इन्द्रजीत यादव एक सेवानिवृत्त सेना अधिकारी गुरुदेव सिंह की बेटी हैं और उनके पास आयुर्वेदिक चिकित्सा और सर्जरी में स्नातक (बीएएमएस) की डिग्री है। उनके पति राकेश हयातपुर ने प्रचार के दौरान खुलकर खुद को राव इंद्रजीत का कार्यकर्ता बताते है। ऐसा पता चला है कि वे राव इंद्रजीत के खास आदमी है।

टिकटे और पद बिना खर्ची पर्ची?

गुरिंदरजीत सिंह ने कहा कि बीजेपी हमेशा कहती है कि वे बिना खर्ची पर्ची की सरकार है। पर जो अपनी पार्टी में सिर्फ पदाधिकारियों या आरएसएस वालो ही पद और टिकट देती है, जिस में आलाकमान पर्ची निकाल नाम भेजता है, वे कैसे बिन खर्ची पर्ची की सरकार हो सकती है।

जो अपने क्षेत्र में अपने ही परिवार वालो को चुनाव जीतवा नही पाए, वे बने जिला अध्यक्ष।

गुरिंदरजीत सिंह ने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि हमेशा बीजेपी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष पर बोलते है, कांग्रेस के संगठन् पर बोलते है, पर खुद बीजेपी अपने संगठन के बारे मे सोचे। एक ऐसे व्यक्ति को जिला अध्यक्ष बना दिया जो अपने क्षेत्र में ही अपने सगे संबंधी को जीतवा नही पाए। गुरिंदरजीत सिंह ने कहा कि जो अपने वार्ड क्षेत्र में चुनाव नही जीतवा पाए वे आगे क्या करेंगे? साथ ही गुरिंदरजीत सिंह ने बोला कि बीजेपी बादशाहपुर से 18 मे से 9 हारी, इस से पता चलता है कि बीजेपी जो संगठन की बात करती है, हार से पता चलता है कि बीजेपी के पन्ना प्रमुख से ले कर महा मंत्री कैसे काम करते है और संगठन कितना मजबूत है!!

निष्कर्ष:-

गुरिंदरजीत सिंह ने कहा कि बीजेपी जितना मर्ज़ी कह ले कि पार्टी में परिवारवाद को नही, पार्टी मे पर्ची खर्ची नहीं, पार्टी कार्य पर टिकट या पद देती है। पर बीजेपी की कथनी करनी में फर्क है। जिस से कार्य कर्ता खुश नही। इसी लिए बीजेपी बादशाहपुर के 18 वार्ड से 9 हार गयी। वोट बैंक घटा। लोकप्रियता घटी। क्या हारे हुए नेताओ को अध्यक्ष बनाना कितना उचित? क्या इस से बीजेपी को कोई फायदा होगा?

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