मतदान प्रक्रिया की संदिग्ध कार्यप्रणाली से मतदाताओं का हुआ मोहभंग: करण दलाल

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–किसी एक राजनीतिक दल द्वारा ऐसा माहौल बना देना लोकतंत्र के लिए सही नहीं  

गुरुग्राम। कांग्रेस के गुडग़ांव प्रभारी एवं पलवल के पूर्व विधायक करण सिंह दलाल ने निकाय चुनावों में कम मतदान को लेकर सीधे भाजपा को दोषी बताया है। भाजपा की संदिग्ध कार्यप्रणाली से ही मतदाताओं का मतदान के प्रति मोहभंग हुआ है। यह किसी भी लोकतंत्र के लिए सही नहीं कहा जा सकता। इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

पूर्व विधायक करण सिंह दलाल ने कहा कि भाजपा से हरियाणा की जनता का मोहभंग हो चुका है। हरियाणा विधानसभा के चुनाव में हरियाणा की जनता ने भाजपा को हराने के लिए और कांग्रेस की सरकार बनाने के लिए वोट डाला था। काफी सीटों पर थोड़े-थोड़े वोटों का अंतर रहा। इससे साफ समझ आ गया कि भाजपा ने किस तरह से सत्ता हथियाने का काम किया। प्रदेश की जनता भी हतप्रभ हो गई थी। करण सिंह दलाल ने कहा कि ऐसी स्थिति में मतदाताओं का चुनावी प्रक्रिया से विश्वास उठ गया। अब निकाय चुनावों में जनता ने अपना विरोध साफ दिखा दिया। लोग वोट डालने के लिए घरों से नहीं निकले। लोगों ने समझ लिया कि सत्ताधारी दल भाजपा को वोटरों से अधिक ईवीएम पर विश्वास है। ईवीएम ही उन्हें विजयी बनाती है।

पूर्व विधायक करण सिंह दलाल ने फिर दोहराया कि निकाय चुनाव में हरियाणा निर्वाचन आयोग ने यह कहकर निकाय चुनाव में वीवीपैट नहीं लगाई कि पर्याप्त मात्रा में वीवीपैट मशीनें नहीं हैं। आयोग ने यह गैर जिम्मेदाराना बात कही है। उन्होंने कहा कि निकाय चुनाव में वीवीपैट मशीनों की कमी बताना सीधे किसी गड़बड़ी की ओर इशारा करता है। कांग्रेस के गुडग़ांव प्रभारी ने वीवीपैट नहीं लगाने का मुद्दा राज्यपाल तक पहुंचाया। हालांकि इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया है।

करण सिंह दलाल ने कहा कि निकाय चुनाव में मतदाताओं का विरोध खुलकर सामने आया है। लोग अपने पड़ोस में ही मतदान केंद्रों में नहीं पहुंचे। एक तरह से गुरुग्राम की जनता ने वोटिंग प्रक्रिया को नकारने का काम किया है। वोटर्स द्वारा चुनावी प्रक्रिया के विरोध का एक और बड़ा कारण है। विकास के दावे करने वाली भाजपा सरकार में हकीकत में शहरों की दुर्दशा हुई है। जनता की समस्याओं पर सरकार और निकायों ने कोई ध्यान नहीं दिया।

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Author: Bharat Sarathi

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