अंतिम यात्रा की राह भी नहीं हुई आसान, सीवरेज के पानी से गुजरी शव यात्रा

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-नगर निगम द्वारा संचालित मदनपुरी शमशान घाट में भरा सीवरेज की पानी

-सुविधाओं के दावे करने वाला नगर निगम हर जगह फेल

गुरुग्राम। राम नाम सत्य है भले ही व्यक्ति की शव यात्रा निकालते समय ज्यादा बोला जाता हो, लेकिन नगर निगम के विकास के दावे सत्य नहीं माने जा सकते। सुविधाओं देने के दावे करने वाले नगर निगम की अनदेखी से शमशान घाट भी प्रभावित हैं। यूं कहें कि अंतिम यात्रा की राह भी आसान नहीं रही। वहां भी शहर की आम गलियों की तरह सीवरेज के पानी से होकर ही जाना पड़ा।

दरअसल, एक व्यक्ति के अंतिम संस्कार के लिए लोग शव यात्रा लेकर मदनपुरी शमशान घाट पहुंचे। वहां पर देखा कि गेट के भीतर सीवरेज का पानी भरा हुआ है। दोनों तरफ चिताएं हैं, लेकिन बीच के रास्ते पर सीवरेज का पानी भरने के कारण वहां से निकलना मुनासिब नहीं था। लोगों को काफी परेशानी हुई। खासकर उन्हें जो शव को अपने कंधों पर उठाए हुए थे। चिता पर मुखाग्रि देते समय भी लोग एक जगह पर खड़े नहीं हो सकते। आधे से ज्यादा लोग दूसरी तरफ के शेड की तरफ खड़े होने को मजबूर हुए। व्यक्ति की अंतिम यात्रा के समय भी उसकी राह आसान नहीं होने से लोगों में भी रोष रहा।

मानव आवाज संस्था के संयोजक अभय जैन एडवोकेट ने कहा कि मदनपुरी शमशान घाट क्षेत्र का बहुत बड़ा शमशान घाट है। यहां हर घंटे किसी ना किसी के अंतिम संस्कार के लिए लोग आते हैं। ऐसे में यहां की व्यवस्था खराब नहीं होनी चाहिए। सीवरेज का पानी भरने का तो सवाल ही नहीं होना चाहिए। अगर भर गया तो उसे निकालने की भी तुरंत व्यवस्था नगर निगम की तरफ से की जानी चाहिए थी। वहां पर काम करने वालों ने इसकी शिकायत भी नगर निगम तक पहुंचा दी थी, मगर कोई भी कर्मचारी ब्लॉक सीवरेज को सही करने नहीं पहुंचा। अभय जैन एडवोकेट ने कहा कि यह नगर निगम का फेलियर ही है कि शमशान घाट जैसी जगह पर भी समस्याएं हैं मगर उन्हें ठीक नहीं किया जा रहा। उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों से आग्रह किया कि जनहित में सकारात्मक सोचकर यहां की सुध लें। यहां की सीवरेज व्यवस्था को दुरुस्त करके शव यात्रा की राह को सही करें।

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Author: Bharat Sarathi

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