मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी-सह-सचिव, डीएलएसए गुरुग्राम निशा ने किया बाल देखभाल संस्थान का औचक निरीक्षण

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जगन्नाथ आश्रम में बच्चों की सुविधाओं, सुरक्षा और देखभाल व्यवस्थाओं की जांच

बच्चों से बातचीत कर समस्याएं सुनीं, प्रबंधन को दिए जरूरी निर्देश

गुरुग्राम, 02 मई- जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गुरुग्राम के तहत मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी-सह-सचिव, डीएलएसए गुरुग्राम निशा ने जिले में संचालित बाल देखभाल संस्थान जगन्नाथ आश्रम का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण का उद्देश्य संस्थान में रह रहे बच्चों को दी जा रही मूलभूत सुविधाओं, सुरक्षा, देखभाल, शिक्षा, स्वास्थ्य और पुनर्वास से जुड़ी व्यवस्थाओं का समग्र आकलन करना रहा।

निरीक्षण के दौरान संस्थान की आवासीय व्यवस्था, साफ-सफाई, भोजन की गुणवत्ता, पेयजल उपलब्धता, चिकित्सा सुविधाएं, काउंसलिंग सेवाएं, सुरक्षा प्रबंध और बच्चों के लिए उपलब्ध शैक्षणिक व मनोरंजन गतिविधियों का बारीकी से अवलोकन किया गया। इसके साथ ही संस्थान में रखे गए अभिलेख, रजिस्टर और बच्चों की व्यक्तिगत देखभाल योजनाओं की भी जांच की गई।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने बच्चों से बातचीत कर उनकी दिनचर्या, समस्याएं और आवश्यकताओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित, सम्मानजनक और पारिवारिक माहौल मिलना जरूरी है, ताकि उनका शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक विकास सही तरीके से हो सके।

निरीक्षण के बाद उन्होंने संस्थान प्रबंधन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही नियमित स्वास्थ्य जांच, काउंसलिंग सेवाएं और कौशल विकास गतिविधियों को और बेहतर बनाने के लिए कहा गया।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गुरुग्राम ने स्पष्ट किया कि बच्चों के हितों की रक्षा और उनके सर्वांगीण विकास के लिए ऐसे निरीक्षण आगे भी लगातार किए जाते रहेंगे, ताकि संस्थानों में बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित की जा सकें।

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Author: Bharat Sarathi

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