युवा भगवान परशुराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं और समाज निर्माण में सकारात्मक योगदान दें : बड़ौली
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बड़ौली हांसी में भगवान परशुराम जयंती कार्यक्रम में शामिल हुए और भगवान परशुराम द्वार का उद्घाटन भी किया

चंडीगढ़, 2 मई। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंडित मोहन लाल बड़ौली शनिवार को हांसी में भगवान परशुराम सेवा समिति द्वारा आयोजित भगवान परशुराम जयंती कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने भगवान परशुराम के आदर्शों को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया। इस मौके पर श्री बड़ौली ने भगवान परशुराम द्वार का विधिवत उद्घाटन भी किया। उन्होंने कहा कि यह क्षण पूरे क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण है और इस प्रकार के प्रयास हमारी सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस मौके पर मंत्री डॉ. आर अरविंद शर्मा, जिला अध्यक्ष अशोक सैनी, विधायक विनोद भयाना, विधायक देवेन्द्र अत्री सहित क्षेत्र के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मोहन लाल बड़ौली ने कहा कि भगवान परशुराम सत्य, न्याय और धर्म की स्थापना के प्रतीक हैं। उनके जीवन से हमें यह सीख मिलती है कि अन्याय के विरुद्ध संघर्ष करना और समाज में संतुलन बनाए रखना प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे भगवान परशुराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं और समाज के निर्माण में सकारात्मक योगदान दें।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बड़ौली ने कहा कि भगवान परशुराम ने समाज में न्याय और समरसता का संदेश दिया। भगवान परशुराम का जीवन हमें अनुशासन, मर्यादा और धर्म की रक्षा करना सिखाता है। इस मौके पर उन्होंने भगवान परशुराम के जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

श्री बड़ौली ने कहा कि भगवान परशुराम की शिक्षाएं आज के समय में भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं जितनी बाकी युगों में थीं, क्योंकि उनकी शिक्षाएं अधर्म के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम केवल एक योद्धा ही नहीं, बल्कि ज्ञान, न्याय और धर्म के प्रतीक हैं। उनके जीवन से हमें शौर्य और शास्त्र के संतुलन की मिलती है।
प्रदेश अध्यक्ष ने भगवान परशुराम सेवा समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज को जोड़ने और सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का कार्य करते हैं। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में एकता और भाईचारे को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में भी ऐसे आयोजन इसी तरह भव्य रूप से आयोजित होते रहेंगे और समाज को नई दिशा देने का कार्य करेंगे।
कैबिनेट मंत्री डा. अरविंद शर्मा ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम सनातन संस्कृति, त्याग, धर्म और न्याय के प्रतीक हैं। भगवान परशुराम के आदर्श हमें सदैव सत्य के मार्ग पर चलने और अन्याय के खिलाफ खड़े होने तथा सबका साथ-सबका विकास-सबका सम्मान की प्रेरणा देते हैं।








