भारत एक फिर से वैश्विक महाशक्ति बनने जा रहा – केंद्रीय मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

एसजीटी यूनिवर्सिटी के 11 वें दीक्षांत समारोह में  मुख्य अतिथि धर्मेंद्र प्रधान

भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र एवं विश्व की सर्वाधिक समृद्ध इकोनॉमी होगा

मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार के सार्थक, सकारात्मक व दीर्घकालिक निर्णय

दुनिया में किसी देश के पास नहीं भारत देश के जितनी अथाह युवा शक्ति

एसजीटी यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में कहा, देश के विकास से खुद को जोड़ें युवा

फतह सिंह उजाला

गुरुग्राम। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा है कि 21 वीं सदी में भारत फिर से वैश्विक महाशक्ति बनने जा रहा है। आज हम विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी इकोनॉमी है, बहुत जल्द हम तीसरी पायदान पर पहुंचने वाले हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार के सार्थक, सकारात्मक व दीर्घकालिक निर्णयों-कदमों से भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र एवं विश्व की सर्वाधिक समृद्ध इकोनॉमी बनेगा। केंद्रीय शिक्षा मंत्री गुरु द्रोण की नगरी में गुरुग्राम में स्थित देश की प्रतिष्ठित एसजीटी यूनिवर्सिटी के 11 वें दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम में जाने-माने अधिवक्ता और दिल्ली एवं डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन (डीडीसीए) के प्रेसीडेंट रोहन जेटली दीक्षांत समारोह में गेस्ट आफ ऑनर के रूप में शामिल हुए। एसजीटी विश्वविद्यालय के चांसलर पद्मभूषण राम बहादुर राय, मैनेजमेंट ट्रस्टी मनमोहन सिंह चावला भी उपस्थित थे। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की सोवनिर का भी विमोचन मुख्य अतिथि व गेस्ट आफ ऑनर ने किया।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि युवा शक्ति के बल पर भारत विकास की तेज दौड़ लगाएगा। आज भारत की 142 करोड़ की आबादी में से 68 करोड़ से अधिक की आयु 25 वर्ष से कम है। इतनी अथाह युवा शक्ति विश्व के और किसी देश के पास नहीं। धर्मेन्द्र प्रधान ने डिग्री पाने वाले छात्रों से आह्वान किया कि वे अगले दो-तीन दशकों की मैपिंग करें, फिर स्ट्रैटेजी तैयार करें, साथ ही जड़ से भी जुड़े रहें। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज डिग्री लेने वाले छात्र 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए खुद का रोड मैप बनाएं, यह भी सुनिश्चित करें कि देश के विकास में वे कितना योगदान करने जा रहे हैं।

शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने सिलिकॉन वैली का उदाहरण देते हुए कहा कि दुनिया की हर इकोनॉमी के पीछे कोई न कोई विश्वविद्यालय अवश्य होता है। आज री स्किलिंग और अपस्किलिंग का दौर है। एसजीटी विश्वविद्यालय की खुले मन से प्रशंसा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गुरुग्राम भारतीय इकोनॉमी का इंजन बना हुआ है और एसजीटी यूनिवर्सिटी इसके लंग्स (फेफड़े) की तरह है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि पहली औद्योगिक क्रांति जब हुई, तब हम समझ नहीं पाए, दूसरी क्रांति में हम मजदूर बने और तीसरी में मैनेजर और सुपरवाइजर। अब चौथी औद्योगिक क्रांति में हम नेतृत्व करने की स्थिति में आने को तैयार हैं। गेस्ट आफ ऑनर रोहन जेटली ने डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत ट्रांसफार्मेशन के दौर में है। ऐसे में युवाओं की जिम्मेदारी और बढ़ गई है कि वे तमाम चुनौतियों से निपटते हुए राष्ट्र सेवा और तेज आर्थिक विकास के लक्ष्य पाने में सार्थक, सकारात्मक सहयोग दें।

Bharat Sarathi
Author: Bharat Sarathi

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!