रेवाड़ी- 02 अगस्त  – लिपिकों का वेतनमान बढ़ाने की मांग को लेकर क्लेरिकल एसोसिएशन वेलफेयर सोसायटी के बैनर तले पूरे प्रदेशभर में चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल बुधावर को 29वें दिन में प्रवेश कर गई। इससे पहले लिपिकों के 35400 रूपये मूल वेतनमान की मांग को लेकर एसोसिएशन व सरकार के बीच हुई तीन वार्ताएं बेनतीजा हो चुकी है। स्थानीय जिला प्रशासन द्वारा हॉल ही में जिले में धारा 144 लगाए जाने के कारण बुधवार को क्रमिक भूख हड़ताल के 12वें दिन शिक्षा विभाग के चार लिपिकीय वर्ग कर्मचारियों राजेश कुमार, श्योपाल, विकास व पवन कुमार ने भूख हड़ताल पर बैठकर सरकार के खिलाफ रोष जताया।

प्रतिदिन चार कर्मचारी भूख हड़ताल पर
क्लेरिकल एसोसिएशन वेलफेयर सोसायटी के राज्य कार्यकारिणी सलाहकार एवं जोनल कोर्डिनेटर हेमचंद हरितश ने जानकारी देते हुए बताया कि गत दिनों जिला नूंह में दो समुदायों के बीच हुए सांप्रदायिक तनाव के मद्देनजर रेवाड़ी जिलें सहित आस-पास के विभिन्न जिलों में संबंधित जिला प्रशासन की ओर से धारा 144 लगाई हुई है। जिसके चलते शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखते हुए लिपिक एसोसिएशन ने धारा 144 लगाए जाने की अवधि तक प्रतिदिन चार कर्मचारियों को क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठाकर धरने को सचारू रूप से चलाए जाने का निर्णय लिया है।

 लिपिक वर्ष 1986 से सरकारों की अनदेखी का हो रहे है शिकार
राज्य सलाहकार ने बताया कि विभिन्न जिलों में धारा 144 लगने के कारण धरनारत सभी लिपिकीय वर्ग कर्मचारी कार्यालयों में डयूटी पर न जाकर अपने घरों पर ही रहकर आमजन को सोशल मीडिया व पंपलेट वितरण करके अपनी 35400 रूपये मूल वेतनमान की जायज मांग के प्रति जागरूक करने का कार्य कर रहे है। लिपिकीय वर्ग वर्ष 1986 से सरकारों की अदेखी का शिकार हो रहा है ओर अपने जायज हकों व सम्मानजनक वेतनमान को पाने के लिए लिपिकीय वर्ग के कर्मचारी गत 5 जुलाई से पूरे प्रदेश में जिला स्तर पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हुए है। वेतनमान को लेकर लिपिकों के साथ प्रदेश सरकार द्वारा जो भेदभाव दशकों से किया जा रहा है, उसके विरूद्ध पूरे लिपिकीय वर्ग द्वारा पिछले लगभग तीन वर्ष से अपने हक की मांग को लेकर हरियाणा सरकार के सम्मुख रखने के सभी लोकतांत्रिक तरीके अपनाए गए जिसमें मंत्री, सांसद, विधायक व जिले के उपायुक्त आदि सभी के माध्यम से बार-बार ज्ञापन देना शामिल है। लेकिन सरकार द्वारा इस संबंध में अभी तक लिपिकीय हितों के लिए कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया।

उन्होंने स्पष्ट किया कि लिपिकीय वर्ग ने ही मौजूदा सरकार द्वारा सौंपे गये कार्यो को पूरा ईमानदारी व निष्ठा से करते हुए हरियाणा प्रदेश को डिजीटलाईजेशन के क्षेत्र में देश में नंबर वन स्थान पर लाने का कार्य किया है। सरकार के साथ पहले हो चुकी वार्ता में मुख्यमंत्री के ओएसडी जवाहर यादव द्वारा हरियाणा के साथ लगते राज्यों में लिपिकीय वर्ग को दिए जा रहे वेतनमान, कार्यभार व योग्यता का संपूर्ण वर्णन नहीं किया गया बल्कि आधे-अधूरे व आधारहीन तथ्यों को पेश करते हुए प्रदेश की जनता व लिपिकीय वर्ग को भ्रमित करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त हरियाणा राज्य पूरी तरह से समृद्ध व संपन्न होते हुए उसकी प्रति व्यक्ति आय, जीएसटी कलैक्शन व अन्य राजस्व पड़ोसी राज्यों से कहीं ज्यादा अधिक है, इसके बावजूद भी सरकार लिपिकीय वर्ग को 35400 रूपये का मूल वेतनमान देने में आर्थिक बोझ मान रही है। इन्हीं तथ्यों के आधार पर प्रदेश का लिपिकीय वर्ग जनता जर्नादन से अपनी मांगो को पूरा करने के लिए पुरजोर समर्थन की अपील कर रहा है।

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