चण्डीगढ़, 4 जनवरी – हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री जे.पी.दलाल ने कहा कि प्रदेश सरकार सहकारी चीनी मिलों को घाटे से उभारने व गन्ना उत्पादक किसानों के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है। इस दिशा में सरकार ने एक कमेटी का गठन किया है, जो चीनी मिलो की कार्य क्षमता का मूल्याकन करेगी।

श्री दलाल ने यह जानकारी आज गन्ना मूल्य निर्धारण के लिए गठित कमेटी की पहली बैठक की अध्यक्षता के दौरान दी।

जिन अधिकारियों को कमेटी का सदस्य बनाया गया है उन्हें निर्देश देते हुए मंत्री ने कहा कि सहकारी शुगर मिलों में चीनी की रिकवरी को 10 प्रतिशत से अधिक बढ़ाया जाएं ताकि मिलो के घाटे को कम किया जा सकें। उन्होंने बताया कि पिछले साल चीनी का रिकवरी रेट कम रहा था। जिसके कारण शुगर मिलों का घाटा बढ़ गया । चीनी मिलों को घाटे से उभारने के लिए अन्य विकल्पों की तलाश की जाए।

कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भरता को आगे बढ़ाते हुए सकारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। इसी दिशा में सहकारी चीनी मिलों में एथनॉल प्लांट लगाए जा रहे। सहकारी चीनी मिलों के विकास में गन्ना उत्पादक किसानों का हमेशा अहम योगदान रहा है। किसानों को नवीनतम तकनीक अपनाकर गन्ना उत्पादन करना चाहिए।

बैठक में कमेटी सदस्यों ने गन्ना किसानों व मिलों की स्थिति, चीनी के भाव और अन्य विषयों पर भी चर्चा की। इस अवसर पर बैठक में शुगरफैड के चेयरमैन श्री रामकरण, विधायक श्री घनश्याम दास, विधायक श्री हरविंद्र कल्याण, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती सुमिता मिश्रा, रजिस्ट्रार सहकारी समितियां डॉ शालीन, सरस्वती शुगर मिल यमुनानगर के प्रबंध निदेशक श्री आदित्य पुरी भी मौजूद रहें।

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