डॉक्टर की हरकतें साबित करती हैं खो चुका दिमागी संतुलन
इन हालात में मरीजों के लिए खतरे से भी इंकार नहीं
पहले से ही कथित रूप से कई अपराधिक मामले भी दर्ज
कथित रूप से महिला कर्मी से विवाद पर विभागीय जांच

फतह सिंह उजाला
पटौदी । 
पटौदी मंडी नगर परिषद के पटौदी नागरिक अस्पताल के डॉक्टर, जिला के चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ वीरेंद्र यादव के दौरे के बाद अब सीधे-सीधे हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री और गृह मंत्री अनिल विज के लिए भी चुनौती देते महसूस किए जा रहे हैं । संबंधित डॉक्टर की हरकतें और उसके द्वारा सोशल प्लेटफॉर्म पर की जा रही अथवा लिखी जा रही बातों से ऐसा महसूस किया जा सकता है, संभवत यह डॉक्टर अपना दिमागी संतुलन भी पूरी तरह से खो चुका है । पटोदी नागरिक अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले मरीजों के लिए भी खतरे से इनकार नहीं किया जा सकता, कि इलाज क्या करना हो और उपचार क्या कर दिया जाए ? ऐसे में संबंधित डॉक्टर के विषय में जल्द से जल्द सीएमओ डॉ वीरेंद्र यादव, डीसी निशांत कुमार यादव, पटौदी के एमएलए एडवोकेट सत्य प्रकाश जरावता और हरियाणा के हेल्थ एवं होम मिनिस्टर अनिल विज को जनहित सहित मरीजों के हित और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए अविलंब इस डॉक्टर को लंबी छुट्टी पर भेजना ही आम जनता के हित में हो सकता है ।

सोमवार को ही सीएमओ डॉ वीरेंद्र यादव के द्वारा पटौदी के नागरिक अस्पताल का सरप्राइज विजिट किया गया , उस समय भी यह डॉक्टर सीएमओ डॉ वीरेंद्र यादव के आगे-पीछे मौजूद रहा । पटोदी नागरिक अस्पताल में कार्यरत इस डॉक्टर के विषय में कथित रूप से बताया गया है कि इसके खिलाफ महिला सहकर्मी की शिकायत पर विभागीय जांच भी की गई और उसके बाद महिला तथा संबंधित डॉक्टर की टीम को अलग अलग कर दिया गया । वही कथित रूप से सूत्रों के मुताबिक यह डॉक्टर अपराधिक मामले में भी संलिप्त रहा है । जब एक डॉक्टर के खिलाफ विभागीय जांच महिला सहकर्मी की शिकायत पर हुई , उसके बाद भी इसको पटोदी नागरिक अस्पताल से किसी अन्य स्थान पर ट्रांसफर नहीं किया गया ? यह बात को लेकर अब लोगों में कई प्रकार की चर्चाएं भी होने लगी है । दूसरी ओर जब सरकारी डॉक्टर विभागीय जांच झेल चुका , कथित रूप से जांच में आरोप और शिकायत भी सही पाई गई । ऐसे डॉक्टर के खिलाफ अपराधिक मामले संलिप्तता को देखते हुए सीएमओ गुरुग्राम डॉ वीरेंद्र यादव, जिला स्वास्थ्य विभाग, हरियाणा स्वास्थ्य विभाग, पटौदी के एमएलए एडवोकेट जरावता और वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों की ऐसी क्या मजबूरी है जो इस प्रकार के दिमागी संतुलन खोते जा रहे डॉक्टर को पटौदी नागरिक अस्पताल में ही काम करने के लिए बेलगाम छोड़ा हुआ है।

इसी मामले में गुरुवार को ही इस संबंधित डॉक्टर के विषय में एक और बेहद चौंकाने वाली तथा संपूर्ण स्वास्थ्य विभाग और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के संदर्भ में खुली चुनौती अथवा चौलेंज देने वाली बात भी सूत्रों के माध्यम से प्राप्त हुई है। डॉक्टर के द्वारा अपने ही विभाग के एक कर्मचारी को धमकी भरे लहजे में बुरी तरह से हड़काया गया । इस डॉक्टर के द्वारा जिस कर्मचारी को धमकाया गया ,उसे यह भी सवाल जवाब किए गए की अस्पताल परिसर में किससे मिलना है और किस मरीज को नहीं देखना है ।

इसी कड़ी में भाजपा के वरिष्ठ नेता हेली मंडी नगर पालिका के पूर्व पार्षद विनोद शर्मा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि जिस डॉक्टर का दिमागी संतुलन बिगड़ा हुआ महसूस किया जा रहा है। बिना देरी किए ऐसे डॉक्टर को किसी पागल खाने में उपचार के लिए जल्द से जल्द भेज देना स्वास्थ्य विभाग, हरियाणा सरकार और सबसे महत्वपूर्ण मरीजों के हितकारी ही रहेगा। कहीं ऐसा ना हो कि इस डॉक्टर के द्वारा मरीज का उपचार के दौरान कोई अहित न हो जाए । शासन प्रशासन सहित भारतीय जनता पार्टी सरकार की प्राथमिकता आम जनमानस सहित मरीजों की सुरक्षा ही प्राथमिकता होती है।

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