-प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत मत्स्य पालन के लिए 40 से 60 प्रतिशत तक दिया जा रहा अनुदान
-प्रगतिशील किसान चुनौतियों को अवसर में बदल मत्स्य पालन से कमा रहे भारी मुनाफा, दूसरों के लिए भी बन रहे प्रेरणा स्रोत
कृषि मंत्री ने जनस्वास्थ्य व बिजली अधिकारियों की बैठक ले किया जोहड़ों का निरीक्षण

सिवानी मंडी, 27 मार्च। प्रदेश के कृषि,पशुपालन व मत्स्य मंत्री जेपी दलाल ने कहा कि गिरते भू जल स्तर, खारा पानी व लवणीय भूमि से जुड़ी दूसरी अन्य चुनौतियों के मद्देनजर किसानों को चाहिए कि वे अपनी परंपरागत खेती में बदलाव कर फसल विविधीकरण को अपनाएं, जिससे वे अपनी आमदनी को बढा सकें। झींगा पालन से किसान अपनी आय में बढ़ोतरी कर सकते हैं। बहुत से प्रगतिशील किसानों ने मत्स्य पालन से न केवल अपनी लाखों रुपया आय को बढाया है, बल्कि दूसरों के लिए रोजगार के अवसर पैदा किए हैं। मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार अनुदान उपलब्ध करवा रही है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत 40 से 60 प्रतिशत तक का अनुदान मत्स्य पालन के लिए दिया जा रहा है।

कृषि मंत्री जेपी दलाल रविवार को सिवानी की श्री कृष्ण प्रणामी धर्मशाला में झींगा मत्स्य पालन कर रहे कई किसानों को संबोधित कर रहे थे । उन्होंने किसानों से मत्स्य पालन से जुडक़र सरकार की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील भी की।उन्होंने कहा कि नीली क्रांति को बढ़ावा देने व रोजगार सृजन के उद्देश्य से केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा अनेक कल्याणकारी योजनाएं क्रियांवित की गई। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, इसलिए किसान इस योजना का लाभ उठाकर अपनी आय में वृद्धि करें। उन्होंने कहा कि जहां पर जल व भूमि संबंधी कई चुनौतियां, जोकि दूसरी फसलों के लिए उपयुक्त नहीं है, वहां झींगा पालन करने की अपार संभावनाएं है। बहुत से प्रगतिशील किसानों ने इन चुनौतियों को अवसर में बदलकर मत्स्य पालन से अपनी आमदनी को बढा रहे है। उन्होंने सिवानी क्षेत्र के किसानों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने खारा पानी की भूमि में झींगा पालन किया और आज वह साल भर में लाखों रुपये की आमदनी ले रहे है। दूसरे किसानों को भी उनसे प्रेरणा लेते हुए मत्स्य पालन से जुडक़र सरकार की योजनाओं का लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि मत्स्य पालन से जुड़ी तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं ताकि मत्स्य पालकों को और अधिक मुनाफा हो सके।इसके लिए गांव गरवा में मछली पालन केंद्र की स्थापना की जा रही है। इस केंद्र की स्थापना होने से मत्स्य पालकों के धन व समय दोनों की बचत होगी। झींगा पालन के लिए इस केंद्र से तकनीकी जानकारी मिल सकेगी।

उन्होंने बताया कि जिला में लगभग 250 एकड़ क्षेत्र में झींगा पालन किया जा रहा है। इनमें झुप्पा कलां, बुधशैली ,मोहिल्ला, कोलोद, गुढ़ा, मंढोली खुर्द, मंढोली कलां आदि गांवों में खारे पानी में झिंगा पालन किया जा रहा है।

झींगा पालन से किसान ले रहे लाखों की आमदनी : प्रगतिशील किसान
सिवानी क्षेत्र के प्रगतिशील किसान गांव झुंपा से सुनील लाठर, गुढा से सुशील वर्मा, कलाली से विजय सोनी, सुरेश गांधी, मीठी से राजेंद्र सांगवान, बुधशैली से संदीप, खेड़ा से राजेंद्र सिंह ,ऑर्गेनिक किसान अमरजीत सिंह ,राजस्थान के गांव इंदासर से मनरूप, विजेंदर सिंह, जगदीप सिंह ने बताया कि केवल चार-पांच महीने के ढाई एकड़ के एक प्लांट झींगा पालन में 30 लाख रुपए के ऊपर के झींगा अपने प्लांट से बेच चुके है। उन्होंने कृषि मंत्री जेपी दलाल का आभार व्यक्त किया है और कहा कि कृषि व मछलीपालन मंत्री जेपी दलाल ने स्वयं भी तालाबों का दौरा कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए थे। उन्होंने बताया कि झींगा पालन के लिए प्रशासन की ओर से सरकार की प्रधानमंत्री मत्स्य योजना के तहत उन्हें अनुदान मिला, जिससे उसे काफी मदद मिली। उन्होंने कहा कि एक किसान के लिए करोड़पति बनने में मत्स्य पालन एक अहम भूमिका निभा सकता है। उन्होंने दूसरे किसानों से भी अपील करते हुए कहा कि वे झींगा पालन व्यवसाय अपनाकर अपनी आमदनी को बढाएं।

कृषि मंत्री ने जनस्वास्थ्य व बिजली अधिकारियों की बैठक ले किया जोहड़ों का निरीक्षण
कृषि मंत्री जेपी दलाल ने रविवार को शहर लोक निर्माण विश्राम गृह में जनस्वास्थ्य, बिजली तथा सिंचाई विभाग के अधिकारियों की बैठक ली। इसके बाद वे अधिकारियों के साथ ही शहर के विभिन्न जोहड़ों का निरीक्षण करने भी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने बताया कि सिवानी में सीवरेज व्यवस्था को दुरूस्त करने के लिए एक स्थाई सुपर सकर मशीन दिलवाने की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में पेयजल व बिजली की कोई दिक्कत इसको लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने आज स्वयं जोहड़ों का निरीक्षण किया है। इन जोहड़ों को साफ करवा कर इनकी चारदीवारी निकलवा कर सौन्दर्यकरण करवाया जाएगा। उन्होंने नगरपालिका के अधिकारियों को शहर की प्राचीन धरोहर कुएं व बावड़ी आदि की मुरम्मत करवाकर जिर्णाेद्धार किया जाए।

उन्होंने कहा कि एक अप्रैल से गेंहू की खरीद शुरू की जाएगी। जिसमें किसानों की सुविधा के लिए 400 मंडियों में खरीद की जाएगी। उन्होंने बताया कि खरीद प्रक्रिया के सभी प्रबंध पूरे कर लिए गए हैं। किसान को कोई दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस बार अच्छी बात यह है कि किसानों को सरकार द्वारा निर्धारित फसलों के सरकारी भाव से अधिक भाव बाजार में मिल रहे हैं। उन्होंने बताया कि किसानों का खरीफ 2021 का मूंग व कपास आदि का मुआवजा किसानों के खाते में डाला जा रहा है। कृषि मंत्री ने अपने दौरे के दौरान सिवानी के समाजसेवी कैलाश गर्ग के निधन पर उनके आवास पर जाकर शोक व्यक्त किया।

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