एमएलए एडवोकेट जरावता पहुंचे महामंडलेश्वर धर्मदेव से आशीर्वाद प्राप्त करने/
महाभारत कालीन गोकुलपुर के प्राचीन शिव मंदिर में भी हुआा आयोजन

फतह सिंह उजाला

पटौदी । भारतीय सनातन संस्कृति में अनादि काल से ऋषि मुनियों तपस्वियों और आध्यात्मिक गुरुओं के द्वारा मार्गदर्शन सहित शिष्यों को आशीर्वाद प्रदान करने का सिलसिला चला आ रहा है । गुरु पूर्णिमा अथवा गुरु पर्व के मौके पर शनिवार दिन ढले तक क्षेत्र के विभिन्न प्रख्यात धार्मिक स्थानों, ऐतिहासिक मंदिरों एवं सिद्ध पीठों पर साधु संतो के दर्शन सहित आशीर्वाद प्राप्त करने का सिलसिला चलता रहा।

पटौदी के एमएलए एडवोकेट सत्य प्रकाश जरावता के द्वारा अपने छात्र जीवन काल के दौरान गणित पढ़ाने वाले अध्यापक राव धार्मपाल के चरण वंदन कर उन्हें नमन करते हुए आशीर्वाद प्राप्त किया गया। इसी मौके पर एमएलए एडवोकेट सत्य प्रकाश जरावता , धर्म ग्रंथों सहित वेदो एवं संस्कृत भाषा के मर्मज्ञ आश्रम हरी मंदिर संस्कृत महाविद्यालय के अधिष्ठाता एवं संचालक महामंडलेश्वर धर्मदेव के पास उनके दर्शन लाभ लेने सहित आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए पहुंचे।

यहां आगमन पर महामंडलेश्वर धर्म देव महाराज के द्वारा सस्नेेह एमएलए जरावता की पीठ थपथपा कर जीवन में उत्तरोत्तर तरक्की करने का आशीर्वाद प्रदान करते हुए पटौदी क्षेत्र के समग्र दीर्घकालिक विकास की योजनाओं को लेकर भी उनका मार्गदर्शन किया। इसके साथ ही बोहड़ाकला के विख्यात प्राचीन हनुमान मंदिर में भी अज्ञातवास कोे प्रस्थान कर चुके महामंडलेश्वर स्वामी ज्ययोति गिरि एवं महाकाल के भक्तों के द्वारा भगवान शिव शंकर बाबा भोलेे  का विभिन्न प्रकार से अभिषेक कर आशिर्वाद प्राप्त करनेे का सिलसिला जारी रहा।

इसी मौके पर पटौदी के सीमांत गांव गोकुलपुर में महाभारत कालीन प्राचीन शिव मंदिर परिसर में पंचनाम जूना अखाड़े के श्री महंत धीरज गिरी के मार्गदर्शन में महादेव का रुद्राभिषेक किया गया और इसके उपरांत भक्तों और श्रद्धालुओं को भंडारा का प्रसाद वितरित किया गया। इस मौके पर श्री महंत धीरज गिरी ने कहा अनादि काल से ही गुरु शिष्य की परंपरा चली आ रही है और शिष्य शिक्षा ग्रहण करने के बाद में गुरु दक्षिणा भी भेंट करते रहे ।। गुरु पूर्णिमा अथवा गुरु पूजन या गुरु पर्व का आरंभ महर्षि व्यास के कार्यकाल के दौरान आरंभ हुआ, यह सिलसिला तभी से चला आ रहा है । गुरु अपने जप तप के बल के द्वारा अपने सभी समर्पित शिष्यों और भक्तों पर नजर रखते हुए परोक्ष और अपरोक्ष रूप से मार्गदर्शन भी प्रदान करते रहते हैं ।  सही मायने में आध्यात्मिक ज्ञान प्रदान करने वाले को ही गुरु का दर्जा दिया गया है , क्योंकि आध्यात्मिक ज्ञान के बिना ईश्वर और मोक्ष की प्राप्ति संभव ही नहीं है । गुरु पूर्णिमा के मौके पर ही पटौदी विधानसभा क्षेत्र के जाटोली इलाके में स्थित सोहम आश्रम में भी और बाबा हरदेवा मंदिर में भी बाबा हरदेवा के भक्तों और अनुयायियों के द्वारा बाबा हरदेवा का विधि-विधान और मंत्रोच्चारण के बीच पूजन किया गया। श्रद्धालुओं के द्वारा इसी मौके पर बाबा हरदेवा जोकि गौ भक्त और गौ प्रेमी रहे उनकी ध्वल प्रतिमा पर नए वस्त्र अर्पित कर आशीर्वाद लिया गया । दिन ढले भी क्षेत्र के विभिन्न मंदिरों में देव प्रतिमाओं के समक्ष भजन कीर्तन का सिलसिला जारी रहा।

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