प्रदेश में मिट्टी व जल परीक्षण के लिए की 192 प्रयोगशालाओं की व्यवस्था : कृषि मंत्री जेपी दलाल

लोहारू, 09 जुलाई । प्रदेश के कृषि मंत्री जेपी दलाल ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा प्रगतिशील किसान सम्मान योजना लागू की गई है। इस योजना के तहत प्रदेश के प्रगतिशील किसान को प्रथम स्थान प्राप्त करने पर पांच लाख रुपये, द्वितीय स्थान के लिए दो किसानों को तीन तीन लाख रुपये व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले पांच किसानों को एक एक लाख रुपये तथा एक सौ किसानों को पचास पचास हजार रुपये के सांत्वना पुरस्कार सहित कुल 66 लाख के पुरस्कार दिए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि सरकार किसानों की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने ओर उसकी आय बढ़ाने के लिए अनेक योज नाए लागू की हैं। सरकार की इन योजनाओं से किसान खुशहाली की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा प्रगतिशील किसान ट्रेनर योजना के तहत प्रगतिशील किसान आसपास के कम से कम दस किसानों को सर्वश्रेष्ठ व आधुनिक किसान प्रणाली अपनाने के लिए प्रेरित करेगा।

उन्होंने बताया कि सरकार की किसान मित्र योजना के तहत प्रगतिशील किसान, किसान मित्र के रूप में काम करेगा और एक किसान मित्र सौ किसानों की वित्तीय प्रबंधन में मदद करेगा। इस योजना में प्रदेश के 17 हजार किसान मित्र 17 लाख किसानों का मार्गदर्शन करेंगे, सरकार की इस योजना से किसानों को और अधिक बेहतर लाभ मिल सकेगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में हरित स्टोर के नाम से 2 हजार रिटेल आऊटलेट सरकार द्वारा खोलने का निर्णय लिया है। जो मिनी सुपर मार्किट के रूप में कार्य करेंगे। इन पर सहकारी उत्पादों के साथ स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद भी बेचे जाएंगे।

कृषि मंत्री जेपी दलाल ने बताया कि किसानों की सुविधा के लिए प्रदेश में मिट्टी व जल परीक्षण की 192 प्रयोगशालाएं स्थापित की जा रही हैं, जिससे किसान अपनी खेत की मिट्टी और पानी का जांच करवा सकेंगे।

कृषि मंत्री ने बताया कि हरियाणा सरकार की भावांतर भरपाई योजना से किसानों को लाभ मिल रहा है। इस योजना में 19 बागवानी फसलें शामिल की गई हैं, जिनमें टमाटर, प्याज, आलू, फूलगोभी के अतिरिक्त 15 अन्य फसलें किन्नू, अमरूद, गाजर, मटर, शिमलामिर्च, बैंगन, भिंडी, हरी मिर्च, लोकी, करेला, बंदगोभी, मूली, अदरक, हल्दी व आम इत्यादि शामिल की गई हैं। प्रदेश में बागवानी फसलों की सुगम बिक्री व उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए 486 एफपीओ बनाए जा चुके हैं तथा 514 और बनाने का लक्ष्य है। इनके द्वारा 150 इंटीग्रेटिड पैक हाऊस बनाए जाएंगे जिसके माध्यम से किसान अपनी फसल व सब्जी सफलता से बेच सकेंगे।

कृषि विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ सुरेश गहलोत ने बताया कि किसान की आय बढ़ाने के लिए विभाग ने फसल विविधीकरण योजना लागू की है। इस योजना के तहत किसानों को बाजरा व धान की बजाय तिलहन व दलहन आदि फसल बिजाई करने पर सरकार द्वारा चार व सात हजार रूपए प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर 15 जुलाई तक पंजीकरण करवाना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि दलहन व तिलहन आदि फसल पर लाभ लेने के लिए किसानों को ’’मेरी फसल मेरा ब्यौरा’’ एवं ’’मेरा पानी मेरी विरासत’’ पोर्टल पर प्रति एकड़ फसल का 15 जुलाई तक पंजीकरण करवाना जरूरी होगा। धान की जगह कपास, मक्का, दलहन, मूंगफली, तिल, ग्वार, अरण्ड, सब्जियां व फल उगाने पर किसान को सात हजार रूपए प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसी प्रकार से बाजरा फसल के स्थान दलहन मूंग व अरहर तथा तिलहन में मूंगफली व अरण्ड फसल उगाता है तो उसे चार हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी ।

error: Content is protected !!