भवन विद्यालय ने ट्यूशन फीस में की 140 प्रतिशत तक बढ़ोतरी
अभिभावकों ने स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता व शिक्षा मंत्री केपी गुर्जर को सौंपा ज्ञापन
स्कूल प्रबंधन पर सीबीएसई के नियमों का उल्लंघन करने के आरोप

पंचकूला, 29 जून। पंचकूला के सेक्टर-15 स्थित भवन विद्यालय द्वारा ट्यूशन फीस में की गई बढ़ोतरी के खिलाफ अभिभावक एक बार फिर एकजुट हो गए हैं। मंगलवार सुबह अभिभावक स्कूल के बाहर एकजुट हुए और स्कूल प्रबंधन द्वारा फीस में की गई बढ़ोतरी के खिलाफ नाराज़गी जताई। इसके बाद अभिभावकों के शिष्टमंडल ने पंचकूला के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा।इसके बाद शिष्टमंडल ने शिक्षा मंत्री कंवर पाल गुर्जर से मुलाकात कर उन्हें भी ज्ञापन सौंपा।

अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने ट्यूशन फीस में 140 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की है। ज्ञापन में अभिभावकों ने कहा है कि पिछले साल ट्यूशन फीस 2300 से 2500 रुपये तक मासिक ली जाती थी। अब स्कूल प्रबंधन ने इसे बढ़ाकर 5500 रुपये मासिक कर दिया है। अभिभावकों का यह भी आरोप है कि स्कूल प्रबंधन उनसे इस मुद्दे पर मुलाकात तक नहीं कर रहा है।

कई बार स्कूल प्रबंधन को ईमेल करके भी अभिभावकों ने फीस बढ़ोतरी पर आपत्ति दर्ज करवाई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अभिभावकों ने इस बारे में सीबीएसई को भी शिकायत की हुई है। सीबीएसई ने आरटीआई के जवाब में कहा है कि कोई भी प्राइवेट स्कूल एक बार में इतनी फीस बढ़ोतरी नहीं कर सकता। इतना ही नहीं, आरटीआई जवाब में यह भी कहा गया है कि ट्यूशन फीस में बाकी खर्चे मर्ज भी नहीं किए जा सकते। यह पूरी तरह से नियमों के विरुद्ध है।

अभिभावकों का कहना है कि कोरोना काल में अधिकांश परिवारों की आर्थिक स्थिति बिगड़ी है। बहुत से ऐसे अभिभावक भी हैं, जिनकी कोरोना काल में नौकरी भी चली गई। कमाई का अब कोई जरिया नहीं बचा है। कई कंपनियों ने कोरोना की वजह से वेतन में भी कटौती की है। ऐसे में अभिभावक बढ़ी हुई फीस भरने में असक्षम हैं। स्कूल प्रबंधन इस मजबूरी को समझने की बजाय अभिभावकों पर और भी आर्थिक बोझ डाल रहा है।

स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता ने अभिभावकों की बात ध्यान से सुनी और उन्हें आश्वासन दिया कि वे नियमों अनुसार इस पूरे मामले में कार्रवाई करवाएंगे। उन्होंने यह भी विश्वास दिलाया कि स्कूल प्रबंधन से भी इस बारे में बात की जाएगी। अभिभावकों ने स्पीकर को बताया कि स्कूल की ओर से फोन करके अभिभावकों को कहा जा रहा है कि अगर उन्होंने 30 जून तक फीस नहीं भरी तो उन्हें 500 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से जुर्माना भी देना होगा।

स्पीकर से बातचीत के दौरान अभिभावकों ने पंचकूला शहर के अन्य प्राइवेट स्कूलों का भी उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि जिले में एक भी स्कूल ने इतनी फीस नहीं बढ़ाई है। कुछ स्कूलों ने फीस में 500 रुपये मासिक तक बढ़ोतरी की थी, लेकिन जब अभिभावकों ने इसका विरोध किया तो स्कूल प्रबंधन ने इसे भी वापस ले लिया। इतना ही नहीं, कई स्कूल ऐसे भी हैं, जिन्होंने बिना अभिभावकों की मांग के कोरोना काल को देखते हुए खुद ही फीस बढ़ोतरी वापस ले ली। बिल्डिंग फंड आदि के नाम पर किसी स्कूल द्वारा पैसा नहीं लिया जा रहा है।

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