दिल्ली में बैठी लुटेरी सरकार सुन ले- अपने अधिकारों को लेकर ही घर वापसी करेगा दिल्ली बॉर्डर पर बैठा किसान. किसानों का साथ देने वाले विधायक कुंडू के साथ खड़ा है सँयुक्त किसान मोर्चा – राकेश टिकैत. किसान महापंचायत में पहुंचे सभी किसान नेता खुलकर आये निर्दलीय बलराज कुंडू के समर्थन में. टिकैत बोले – जो कोई भी सरकारी एजेंसी कुंडू के घर छापा मारने पहुंचे उनका पक्का इलाज कर देना

महम, 24 मार्च : तीनों काले कानूनों को लेकर केंद्र सरकार के साथ किसानों की यह लड़ाई लम्बी चलने वाली है। यह संघर्ष अक्टूबर-नवम्बर तक लम्बा खींचेगा और किसान पूरी मजबूती से लड़ाई लड़कर अपने हक लेकर ही घर वापसी करेगा। किसान नेता राकेश टिकैत ने आज महम चौबीसी के ऐतिहासिक चबूतरे से विशाल किसान महापंचायत को सम्बोधित करते हुए यह बात कही। टिकैत ने महम चुबतरे पर उमड़े जन सैलाब को सम्बोधित करते हुए केंद्र के साथ राज्य की भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार पर भी जमकर शब्दों के तीर चलाये। पिछले दिनों महम के निर्दलीय विधायक बलराज कुंडू के घर-दफ़्तरों पर हुई आयकर विभाग की छापामारी को लेकर टिकैत समेत अन्य सभी वक्ताओं ने भी सरकार पर जमकर हमला किया।

टिकैत ने सरकार को स्पष्ट रूप से चेतावनी देते हुए यहां तक कह दिया कि अबकी बार यदि कोई सरकारी एजेंसी कुंडू के घर छापा मारने आये तो उनको गोला लाठी देकर पक्का इलाज कर देना। उन्होंने कहा कि जो विधायक किसानों का इस आंदोलन में साथ दे रहे हैं तो हम सबको भी उनका पूरी मजबूती से साथ देना है और संयुक्त किसान मोर्चा बलराज कुंडू के साथ खड़ा है। उन्होंने किसान महापंचायत में आये लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि इस आंदोलन में किसानों को अपने और पराए की पहचान भी हो गयी है। बलराज कुंडू और सांगवान इन दो निर्दलीय विधायकों ने किसानों का खुलकर साथ दिया है और मोर्चा भी पूरी मजबूती से इनका साथ देगा। एक आवाज पर सँयुक्त किसान मोर्चा कुंडू के साथ खड़ा है।

राकेश टिकैत ने कहा कि मोदी सरकार धोखेबाजों और लुटेरों की सरकार है। इस सरकार ने सब कुछ बेच डाला है और अब ये किसान को मजदूर बनाने की साजिश रचे बैठे हैं। उन्होंने कहा कि आज पूरे देश का किसान तीन काले कानूनों की खिलाफत में एकजुट है और जब तक किसान को उसके हक नहीं मिल जाते दिल्ली बॉर्डर से किसानों की घर वापसी नहीं होगी। टिकैत ने 26 मार्च के भारत बंद को लेकर भी महापंचायत में आह्वान किया और कहा कि महम चौबीसी का यह ऐतिहासिक चबूतरा अपने मजबूत पंचायती फैंसलों के लिए पूरे देश में सबसे अलग पहचान रखता है जहां पर बाबा महेंद्र सिंह टिकैत भी हमेशा आते-जाते रहे थे। वे हालांकि, पहले ही महम चौबीसी के चबूतरे पर आना चाहते थे लेकिन कुंडू पर डाले गए छापों के बाद आ सके लेकिन इसी बहाने एक पंथ तो काज पूरे हो गए। टिकैत ने अपने भाषण के दौरान बार-बार बलराज कुंडू के किसानों की मदद में किये जा रहे कार्यों का उल्लेख करते हुए उनको किसानों का मददगार विधायक बताया।

इससे पूर्व किसान नेता डॉ युद्धबीर सिंह ने भी तीनों काले कृषि कानूनों को लेकर सरकार पर जमकर हमला बोला और कहा कि भाजपा की अहंकारी सरकार का पतन शुरू हो चुका है और देश भर का किसान अपने अधिकारों को लेकर आज जागरूक होकर सरकार की हठधर्मिता के खिलाफ खड़ा था। अभिमन्यु कोहाड़ एवं युवा किसान नेता रवि आजाद, विकास सिसर, सन्दीप भारती, जगबीर घसोला, अनिल नांदल बल्लू प्रधान, सोनू फरमाणा, दीपक बडाली, अठगामा से कर्मबीर प्रधान, नरेंद्र तालु, रणधीर काला, सुदेश गोयत, काला निंदाना, मुकेश कटारिया, राजकुमार ओहल्याण, डॉ निर्मला राठी, बलवान सिंह राकेश श्योराण, श्रेया कुमारी एवं सुलोचना हुड्डा आदि समेत दर्जनों वक्ताओं ने मंच से अपनी बात रखी। युवा संगठन महम चौबीसी अठगामा की ओर से किसान महापंचायत में पहुंचे राकेश टिकैत को किसानी का प्रतीक जेली उपहार स्वरूप भेंट की गई तथा भिवानी से पहुंचे करीब 96 साल के बुजुर्ग दादा अमर सिंह ने पगड़ी बांधकर टिकैत का सम्मान किया। किसान महापंचायत में पहुंचे सभी किसान नेताओं को किसान मसीहा चौधरी छोटूराम की तस्वीर भेंट कर सम्मान दिया गया।

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