पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल का संदेश लेकर चौबीसी के चबूतरे पर पहुंची पंजाब की बड़ी हस्तियां।गौभगत महान संत गोपाल दास जी भी पहुंचे आशीर्वाद देने महम चबूतरे पर।-संत गोपाल दास के साथ मिलकर पंचायत ने खुलवाया अनशन।पंचायतियों के निर्णयानुसार अब 8 अक्टूबर से गोहाना में शुरू होगी भूख हड़ताल।किसानों को जागरूक करने के लिए 1 नवम्बर से प्रदेश की यात्रा पर निकलेंगे विधायक कुंडू।

महम / रोहतक , 5 अक्टूबर : किसान-कमेरे विरोधी केंद्र के तीन काले कानूनों के विरोध में महम के चबूतरे से उठी आवाज को पंजाब के शिरोमणी अकाली दल का मजबूत साथ मिला है। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री सरदार प्रकाश सिंह बादल का संदेश लेकर शिरोमणि अकाली दल के उप प्रधान एवं पूर्व सांसद प्रेम सिंह चंदूमाजरा, राज्यसभा सांसद बलविंदर सिंह भुन्दर और एसजीपीसी सदस्य सरदार भूपेंदर सिंह असन्ध के साथ शिरोमणी अकाली दल के कई नेता पहुंचे।

अपने सम्बोधन में प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने कहा कि स्वर्गीय चौधरी देवीलाल के बाद अगर कोई किसान-कमेरे के हकों के लिए सरकारों से टकराने की हिम्मत रखता है तो वह भाई बलराज कुंडू है जिसने किसानों के लिए संघर्ष का रास्ता चुना है। बादल साहब ने कहा है कि अकाली दल विधायक बलराज द्वारा चलाये जा रहे आंदोलन में मजबूती से साथ खड़ा है और काले कानूनों के खिलाफ अपने छोटे भाई हरियाणा के किसानों का कंधे से कंधा मिलाकर साथ देगा। इसी बीच प्रसिद्ध गौभगत और गौचर भूमि के लिए लंबे समय से संघर्ष कर रहे संत गोपाल दास भी महम चबूतरे पर पहुंचे और आंदोलन को आशीर्वाद दिया। अपने सम्बोधन में संत गोपाल दास ने भाजपा सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े किए और कहा कि किसान की इस लड़ाई में वे हमेशा साथ देंगे।

इसी बीच महम चौबीसी के कई तपों एवं खापों के प्रधान भी मंच पर पहुंचे। पंचायतियों ने आपसी विचार-विमर्श करते हुए आंदोलन की आगामी रूपरेखा बनाई और तय किया कि फिलहाल चबूतरे से चल रहे अनशन को समाप्त करवाया जाए। उपचुनाव को देखते हुए आंदोलन का दूसरा चरण बरोदा हल्के से 8 अक्टूबर से शुरू किया जाएगा, जिसके तहत गोहाना में रोजाना 11 लोग भूख हड़ताल पर बैठेंगे।

पंचायत ने विधायक कुंडू को किसान-मजदूरों को जागरूक करने के लिए 1 नवम्बर से प्रदेश की यात्रा शुरू करने को कहा, जिसका मंच से ऐलान किया गया। बलराज कुंडू ने भी कहा कि वे पहली नवम्बर से प्रदेश के गांव-गांव जाकर लोगों में नवजागरण के लिए अभियान छेड़ेंगे। इसके बाद पंचायतियों ने संत गोपाल दास के सानिध्य में अनशनकारियों को जूस पिलाकर धरने से उठाया। प्रवक्ता ने बताया कि किसान-मजदूर न्याय युद्ध में रिटायर्ड एक्सीयन हवा सिंह, पूर्व कर्मचारी नेता जलकण बल्हारा, युवा किसान नेता सन्दीप भारती, किसान नेता राजेन्द्र आर्य, किसान नेता सत्यवान नरवाल, डॉ शमशेर सिंह, प्रदीप घनखड़, नरेंद्र तालु और अमित लठवाल आदि के अलावा विभिन्न तपों और महम चौबीसी के मौजिज पंचायतियों समेत कई किसान संगठनों का विशेष योगदान रहा है।

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