
भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त प्रदेशाध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ ने आज पदभार ग्रहण कर लिया है। इस मौके पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला समेत पार्टी के कई बड़े नेता पहुंचे थे। रोहतक में ओपी धनखड़ के पदभार ग्रहण का कार्यक्रम रखा गया था।
इस दौरान मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भाजपा के नवनिर्वाचित अध्यक्ष ओपी धनखड़ को मिठाई खिलाकर स्वागत किया। वहीं उन्होंने अपने संबोधन के दौरान कहा कि भाजपा की एक ऐसी पार्टी है जिसमें सामान्य कार्यकर्ता भी किसी बड़े पद पर पहुंच सकता है, लेकिन दूसरी पार्टियों में सिर्फ भाई भतीजावाद और परिवारवाद ही चलता है।
वहीं उपस्थित भीड़ को संबोधित करते हुए ओपी धनखड़ ने कहा कि कार्यकर्ता की उसकी रीढ़ की हड्डी है। कार्यकर्ता ही उनके लिए भगवान है। उन्होंने कहा कि पार्टी में अच्छे कार्यकर्ताओं को हमेशा ऊंचाई पर स्थान मिलता है।
जानिये नये भाजपा अध्यक्ष के बारे में कुछ जानकारियां

नाम:ओमप्रकाश धनखड़
व्यवसाय: 11 साल तक भिवानी में भूगोल के प्राध्यापक रहे, सामाजिक लेखन बच्चों की शिक्षा पर किताबें लिखीं
पिता का नाम: मोहब्बत सिंह
माता का नाम: छोटो देवी
जन्म स्थान: ढाकला (झज्जर)
शिक्षा: महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी से M.a. एंड M.Ed
-1978 से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में सक्रिय
-1980 से 1996 तक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में विभिन्न पदों पर काम किया
-2011 से 2015 तक 2 बार भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे
-1995 में भाजपा में सक्रिय राजनीति की शुरुआत की, भाजपा में राष्ट्रीय महामंत्री रहे, हिमाचल के भाजपा प्रभारी बने
-2014 में रोहतक से लोकसभा का चुनाव लड़ा मगर हार गए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें अपने ड्रीम प्रोजेक्ट स्टैचू ऑफ यूनिटी का राष्ट्रीय संयोजक बनाया और उन्होंने इसके लिए देश भर के किसान परिवारों से लोहा एकत्र किया
-2014 में बादली विधानसभा हलके से चुनाव जीता और मुख्यमंत्री मनोहर लाल की कैबिनेट में कृषि ग्रामीण विकास एवं पंचायत पशुपालन, मत्स्य एवं सिंचाई मंत्री बने
-मंत्री रहते हुए पढ़ी-लिखी पंचायतों की परिकल्पना को साकार किया
-महिलाओं के लिए आरक्षण की व्यवस्था की. 33 फीसद आरक्षण के विपरीत पंचायतों में 41 फीसद महिला जनप्रतिनिधि चुनकर आई
-गाँवों में गौरव पट लगवाए जिन पर गौरव गाथा लिखवाई गई
-देसी नस्ल के पशुओं की प्रजाति को बचाने के लिए काम किया
-स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करवाने के लिए केंद्र से सिफारिश की, नतीजा यह हुआ कि किस्तों में किसानों को लाभ मिला।