शनिवार को डाडावास से लोगों को लाये जांच के लिए.
कुल करीब 325 की थर्मल सकैनिंग व 14 लिये सेंपल

फतह सिंह उजाला

पटौदी। पटौदी पालिका क्षेत्र में कोविड 19 संक्रमण के मामले समाप्त होने से साथ ही चैन की बंसी बजा रहे स्थानीय प्रशासन के साथ में ही स्वास्थ्य विभाग की एक बार फिर से कोविड 19 के डाडावास में चैके ने दौड़ लगवा दी है। डाडावास में स्वास्थ्य विभाग में ही कार्यरत गार्ड के पाजिटिव मिलने के बाद , उसके ही परिवार में 5 वर्ष की बच्ची सहित कुल चार लोगों की कोविड रिपोर्ट पाॅजिटिव आने से स्वास्थ्य विभाग की भागदौड़ के साथ ही ग्रामींणों में भी कथित संक्रमण को लेकर डर सहित अपनी-अपनी सेहत की चिंता को देखा जा रहा है। वहीं पटौदी पालिका के ही वार्ड 8 में पालिका चेयरमैन के आवास के पास में पूर्व मेडिकल आफिसर के बैंक कर्मी बेटे के संक्रमित मिलने से आसपास के निवासी भी चिंतित दिखाई दे रहे है।

स्वास्थ्य विभाग की टीमें शनिवार को एंबुलेंस ने गांव डाडावास में कई बार दौड़ लगाते हुए ग्रामींणों को थर्मल सकैनिंग के साथ ही संदिग्द्धों के सेंपल जांच के लिए लेने के वास्ते कई चक्कर लगाये। कथित रूप से ग्रामींणों के द्वारा स्वास्थ्य विभाग की टीम से बार-बार आग्रह किया गया कि, थर्मल सकैनिंग ग्रामींणों की यहीं गांव में ही की जाये। लेकिन ग्रामींणों को एंबुलेस में बैठाकर पटौदी नागरिक अस्पताल में लाने के बाद ही थर्मल सकैनिंग की गई। सूत्रों के मुताबिक डाडावास से करीब 70 ग्रामींण स्वेच्छा से थर्मल सकैंनिग के लिए आगे आये। बताया गया है कि इनमें अधिकांश वह ग्रामींण शामिल रहे, जो कि पाॅजिटिव परिवार के आवास के आसपास में अथवा उनका संपंर्क हुआ या संपंर्क किया गया। हालांकि पहला मामला कंफर्म होते ही डाडावास में सभी की एक बार थर्मल सकैनिंग की जा चुकी है। इसके साथ ही पंचायत के द्वारा भी गांव में दो बार पूरे गांव को सेनेटाइजेशन कराते हुए सप्रे करा दिया गया है।

स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के मुताबिक शनिवार को पटौदी के नागरिक अस्पताल में डाडावास के ग्रामींणों सहित ओपीडी में आने वाले रोगियों को मिलाकर करीब 325 लोगों को थर्मल सकैनिंग की गई। इसके अलावा पटौदी पालिका के वार्ड 8 के निवासी पाॅजिटिव युवक के परिजनों सहित कुल 14 संदिग्द्धों के सेंपल लेकर  जांच के लिए भेजे गए हैं। एक बार फिर से कोविड बम फूटने के बाद हैरानी की बात यह भी देखी गई कि पटौदी के वार्ड 8 में 24 घंटे से अधिक बीत जाने के बाद भी, स्वास्थ्य विभाग के द्वारा पाड़ित के आवास के आसपास सहित वार्ड में थर्मल सकैनिंग नहीं की गई और न ही वार्ड 8 और पीड़ित के आवास के आसपास के इलाके को ही सेनेटाइज किया गया है। 

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