*12 नवंबर को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस, गुरुग्राम में 6.38 लाख बच्चों-किशोरों और 99 हजार महिलाओं को खिलाई जाएगी एल्बेंडाजोल की गोली*
*22 से 24 नवंबर तक चलेगा पल्स पोलियो अभियान, जिले में पांच वर्ष तक के 3.98 लाख बच्चों को खुराक पिलाने का लक्ष्य*
गुरुग्राम, 6 नवंबर। एडीसी सोनू भट्ट ने कहा कि नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाना और स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी सभी योजनाओं की नियमित एवं प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें, ताकि योजनाओं के निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से हासिल किया जा सके। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए और जहां भी कमियां सामने आएं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए।
एडीसी शुक्रवार को विकास सदन स्थित अपने कार्यालय में स्वास्थ्य विभाग से संबंधित विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए आयोजित जिला स्तरीय टास्क फोर्स कमेटी की मासिक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में नियमित टीकाकरण, राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस, पल्स पोलियो अभियान, मीजल्स-रूबेला टीकाकरण अभियान, एचपीवी टीकाकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं तथा वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम एवं नियंत्रण से संबंधित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। एडीसी ने निर्देश दिए कि सभी स्वास्थ्य कार्यक्रमों की नियमित समीक्षा की जाए तथा इनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संबंधित विभाग बेहतर समन्वय स्थापित करें।
*12 नवंबर को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस, 6.38 लाख बच्चों को खिलाई जाएगी एल्बेंडाजोल की गोली*
बैठक में बताया गया कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के तहत 12 नवंबर को गुरुग्राम जिले में 1 से 19 वर्ष आयु वर्ग के 6,38,547 बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को कृमि नियंत्रण की दवा एल्बेंडाजोल खिलाई जाएगी। इसके अतिरिक्त प्रजनन आयु वर्ग (डब्ल्यूआरए) की 99,184 महिलाओं को भी कृमि नियंत्रण की दवा दी जाएगी। अभियान के तहत 19 नवंबर को मॉप-अप दिवस आयोजित किया जाएगा, जिसमें मुख्य अभियान के दौरान किसी कारणवश दवा लेने से वंचित रह गए पात्र लाभार्थियों को दवा खिलाई जाएगी। एडीसी ने शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय से सभी सरकारी एवं निजी स्कूलों तथा आंगनवाड़ी केंद्रों में दवा खिलाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में डिप्टी सीएमओ डॉ. रश्मि बत्रा ने बताया कि जिले में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम का यह 20वां राउंड है और इसका आयोजन प्रत्येक छह माह में किया जाता है। उन्होंने बताया कि 1 से 19 वर्ष आयु वर्ग के पात्र बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को एल्बेंडाजोल की गोली दी जा सकती है। एक से दो वर्ष तक के बच्चों को गोली की आधी खुराक दी जाएगी।
*पल्स पोलियो अभियान के तहत 3.98 लाख बच्चों को पिलाई जाएगी खुराक*
बैठक में आगामी 22 से 24 नवंबर तक आयोजित होने वाले पल्स पोलियो अभियान की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। डिप्टी सीएमओ डॉ जयप्रकाश ने बताया कि जिले में पांच वर्ष तक की आयु के लगभग 3,98,808 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए जिले में 1,613 बूथ बनाए जाएंगे, जिनमें 1,175 चार सदस्यीय तथा 313 दो सदस्यीय बूथ शामिल हैं। इसके अतिरिक्त 155 मोबाइल टीमें और 50 ट्रांजिट टीमें तैनात रहेंगी। अभियान के सफल संचालन के लिए 5,736 वैक्सीनेटर और 302 सुपरवाइजर लगाए जाएंगे। एडीसी ने निर्देश दिए कि विशेष रूप से प्रवासी आबादी, निर्माण स्थलों, झुग्गी बस्तियों और अन्य हाई रिस्क क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों तक स्वास्थ्य विभाग की टीमें अनिवार्य रूप से पहुंचें, ताकि कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे।
*मीजल्स-रूबेला और एचपीवी टीकाकरण अभियान की भी हुई समीक्षा*
एडीसी ने मीजल्स-रूबेला टीकाकरण अभियान की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि निर्धारित आयु वर्ग के सभी बच्चों का टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए। यह अभियान 16 नवंबर से 15 दिसंबर तक चलाया जाएगा। इसके लिए स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों और सामुदायिक स्तर पर जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएं। उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग और शिक्षा विभाग को स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर बच्चों की पहचान, सूची तैयार करने तथा अभिभावकों को जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि पात्र किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए टीकाकरण के प्रति जागरूक करना जरूरी है।
*वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम के लिए सभी विभाग मिलकर करें कार्य*
बैठक में डेंगू और चिकनगुनिया सहित वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए भी संबंधित विभागों के साथ समन्वय पर जोर दिया गया। एडीसी ने नगर निगम, पंचायत विभाग, शिक्षा विभाग और अन्य संबंधित विभागों को अपने-अपने क्षेत्रों में स्वच्छता, फॉगिंग तथा जन-जागरूकता गतिविधियां नियमित रूप से संचालित करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर सीएमओ डॉ. वीरेंद्र बसवाना, डिप्टी सीएमओ डॉ.जयप्रकाश, डॉ रश्मि बत्रा, डॉ. शालिनी सिंह, जिला किशोर स्वास्थ्य काउंसलर संदीप सिंह सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।








