सत्यापन के बावजूद लाखों क्विंटल धान का डाटा अपलोड नहीं होना चिंताजनक, गेट पास पर धान बेचने को मजबूर किसानों को मिले पूरा भुगतान
सिरसा, 5 नवंबर। सिरसा की सांसद, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, उत्तराखंड कांग्रेस प्रभारी, कांग्रेस कार्यसमिति की सदस्य एवं पूर्व केंद्रीय कैबिनेट मंत्री कुमारी सैलजा ने हरियाणा में धान खरीद पोर्टल की तकनीकी खामियों के कारण किसानों को हो रही परेशानियों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए प्रदेश की भाजपा सरकार से तत्काल समाधान की मांग की है।
कुमारी सैलजा ने कहा कि प्रदेश में किसानों की मेहनत से पैदा हुए धान की खरीद प्रक्रिया में तकनीकी बाधाएं सरकार की प्रशासनिक विफलता को उजागर करती हैं। कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में लगभग 90.71 लाख क्विंटल धान का पंजीकरण हुआ, लेकिन तकनीकी दिक्कतों के कारण करीब 33.32 लाख क्विंटल धान का डाटा पोर्टल पर अपलोड नहीं हो सका। यह स्थिति बेहद गंभीर है।
सांसद ने कहा कि जब किसानों की फसल का सत्यापन हो चुका है, तब पोर्टल पर डाटा अपलोड नहीं होने का खामियाजा किसानों को क्यों भुगतना पड़े? अनेक किसानों को गेट पास के आधार पर धान बेचना पड़ा, जिससे उनकी खरीद और भुगतान प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका है।
कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा किसानों के अधिकारों, उनकी उपज के उचित मूल्य और समयबद्ध भुगतान की पक्षधर रही है। भाजपा सरकार को किसानों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाना चाहिए। सांसद ने मांग की कि सरकार विशेष तकनीकी टीम गठित कर पोर्टल की खामियां तत्काल दूर करे, सत्यापित धान का पूरा रिकॉर्ड दर्ज करवाए तथा गेट पास पर बेची गई फसल का भी नियमानुसार भुगतान सुनिश्चित करे।
तकनीकी खामियों की कीमत अन्नदाता से वसूलना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं
कुमारी सैलजा ने कहा कि किसानों की मेहनत का एक-एक दाना कीमती है। तकनीकी खामियों की कीमत अन्नदाता से वसूलना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। कांग्रेस किसानों के हितों की रक्षा के लिए मजबूती से आवाज उठाती रहेगी।








