भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने जनप्रतिनिधि सम्मेलन को किया संबोधित

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कहा- हरियाणा के विकास की यात्रा गौरवमयी, लेकिन अभी भी सामने हैं कई चुनौतियां

प्रदेश में 80 गैंग सक्रिय, वित्तीय हालत चिंताजनक और बेरोजगारी की गंभीर समस्या- हुड्डा

पंचकूला/चंडीगढ़, 2 नवंबर । हरियाणा निर्माण के 60 वर्ष बाद हमें आत्म निरीक्षण करने की आवश्यकता है। क्योंकि आज प्रदेश के सामने आज कई चुनौतियां हैं। प्रदेश में करीब 80 अपराधी गैंग सक्रिय हैं। फिस्कल हेल्थ के मामले में हरियाणा 14वें स्थान पर खिसक गया है। कर्ज लेने के मामले में 15वें स्थान पर तथा सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स में 11वें स्थान पर पहुंच गया है। बेरोजगारी के मुद्दे पर भी गंभीर आत्ममंथन जरूरी है। ये कहना है पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा का।

हुड्डा हरियाणा विधानसभा द्वारा आयोजित संविधान पखवाड़ा के तहत हुए जनप्रतिनिधि सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

इस मौके पर भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि हरियाणा विधानसभा का अपना गौरवशाली इतिहास रहा है। वर्ष 1966 में जब हरियाणा का गठन हुआ, तब विधानसभा में केवल 54 विधायक थे, जबकि आज उनकी संख्या 90 हो गई है। गठन के समय प्रदेश आर्थिक, औद्योगिक और शैक्षणिक दृष्टि से पिछड़ा हुआ था तथा प्रति व्यक्ति आय मात्र लगभग 540 रुपये थी।

इन छह दशकों में हरियाणा ने शिक्षा और साक्षरता के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। साक्षरता दर 20 प्रतिशत से बढ़कर लगभग 78 प्रतिशत हो गई है। आज प्रदेश में 61 से अधिक विश्वविद्यालय और कॉलेज हैं। AIIMS, IIM, NIFT और लॉ स्कूल जैसे प्रतिष्ठित संस्थान भी स्थापित हुए हैं। हरियाणा की इस प्रगति पर हमें गर्व है।

हुड्डा ने कहा कि इस मौके पर हमें संविधान के महत्व को एकबार फिर आत्मसात करने की जरूरत है। क्योंकि संविधान केवल पुस्तकालय की कोई पुस्तक नहीं है, बल्कि लोकतंत्र की आत्मा है। संविधान ने देश के प्रत्येक नागरिक को समानता और मतदान का अधिकार दिया। मुझे गर्व है कि संविधान पर मेरे पिताजी स्वर्गीय चौधरी रणबीर हुड्डा जी के भी हस्ताक्षर हैं।

संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने कहा था कि अच्छे संविधान के लिए अच्छे जनप्रतिनिधियों का होना अनिवार्य है। जनप्रतिनिधि केवल विधायक और सांसद नहीं होते, पंच और सरपंच भी जनप्रतिनिधि हैं। जनप्रतिनिधियों की तीन प्रमुख कसौटियाँ हैं—सुनना, जवाब देना और जवाबदेही। इसपर खरा उतरना हम सबकी जिम्मेदारी है।

सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का हरियाणा विधानसभा आगमन पर स्वागत करते हुए हुड्डा ने कहा कि लोकतंत्र में पक्ष, विपक्ष और स्पीकर की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। स्पीकर लोकतंत्र में रेफरी की भूमिका निभाते हैं। इसलिए उन पर सभी पक्षों का विश्वास होना जरूरी है। स्पीकर को पक्ष और विपक्ष दोनों को बराबर अवसर और समय देना चाहिए।

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Author: Bharat Sarathi

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