· खुले बाजार में चीनी ₹65 से ₹70 प्रति किलो (44%-55% वृद्धि) बिक रही है लेकिन चीनी महंगी होने के बावजूद किसानों को उसका कोई फायदा नहीं मिल रहा – दीपेन्द्र हुड्डा
· गन्ने का भाव मात्र ₹15 प्रति क्विंटल बढ़ाना किसानों के साथ क्रूर मज़ाक, मौसम की मार झेल रहे किसान के घावों पर नमक छिड़कने जैसा – दीपेन्द्र हुड्डा
· भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार गन्ने के भाव में हर साल 22.5% बढ़ोतरी करती थी, बीजेपी सरकार मात्र 3% भाव ही बढ़ा रही – दीपेन्द्र हुड्डा
· 2004-14 में कांग्रेस सरकार ने हरियाणा में गन्ने का भाव ₹100 से बढ़ाकर ₹310 किया (165% बढ़ोतरी), जो देश में सबसे ज्यादा था – दीपेन्द्र हुड्डा
चंडीगढ़, 30 अक्टूबर। सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि गन्ने के भाव में इस सीजन 3% और अगले सीजन 4% वृद्धि घोषित करने वाली बीजेपी सरकार घोषित करे कि बाजार में चीनी के दाम भी इतने ही बढ़ेंगे। क्योंकि, कुछ ही महीने पहले 45 रुपये प्रति किलो बिकने वाली चीनी आज खुले बाजार में ₹65 से ₹70 प्रति किलो (44%-55% वृद्धि) पर बिक रही है लेकिन चीनी का रेट बढ़ने के बावजूद किसानों को उसका कोई फायदा नहीं मिल रहा है। सरकार की गलत नीतियों के चलते जमाखोर और कालाबाजारी करने वाले इसका फायदा उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि गन्ने का भाव ₹415 से ₹430 प्रति क्विंटल यानी मात्र ₹15 प्रति क्विंटल यानी केवल 3% बढ़ाना किसानों के साथ भद्दा मज़ाक है और मौसम की मार झेल रहे किसान के घावों पर नमक छिड़कने जैसा है। ये समझ नहीं आता कि बीजेपी सरकार किसान के साथ इतनी नफरत क्यों करती है। महंगाई और सरकार की किसान विरोधी नीतियों के चलते खेती की लागत आसमान छू रही है, ऐसे में सरकार का यह क्रूर फैसला किसानों को बर्बादी की कगार पर धकेलने वाला साबित होगा। पिछले कुछ वर्षों में डीएपी, यूरिया, कीटनाशकों, डीजल और कृषि उपकरणों के दामों में बेतहाशा वृद्धि हुई है। दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि 2004 में जब हरियाणा में कांग्रेस सरकार बनी उस समय गन्ने का भाव ₹100 करीब था। 2004-14 के बीचउसको हमने बढ़ाकर ₹310 किया, जो 165% बढ़ोतरी थी और देश में सबसे ज्यादा थी। पिछले 12.5 साल में बीजेपी सरकार ने गन्ने का भाव ₹310 से केवल ₹415 किया है जो केवल 25% वृद्धि है। हमारे समय गन्ने के भाव में हर साल 22.5% बढ़ोतरी होती थी लेकिन बीजेपी सरकार मात्र 3% भाव ही बढ़ा रही है। भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के दौरान किसानों से गन्ना खरीद के साथ तुरंत भुगतान सुनिश्चित किया जाता था।
उन्होंने आगे कहा कि एक तरफ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी चुनावी राज्य पंजाब जाकर वहाँ किसानों का हमदर्द होने का दिखावा कर रहे हैं और किसानों का वोट लेने के लिए बड़े-बड़े वादे कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ वे हरियाणा के किसानों को पंजाब के बराबर गन्ने का भाव, जो वहाँ SAP और सब्सिडी मिलाकर करीब ₹485 प्रति कुंतल है, देने को भी तैयार नहीं हैं। हरियाणा के मुख्यमंत्री दूसरे राज्यों में जाकर चुनावी प्रचार में व्यस्त हैं, लेकिन अपने ही प्रदेश के गन्ना किसानों को उनकी उपज का वाजिब हक देने में पूरी तरह फेल साबित हो रहे हैं। जिससे हरियाणा का किसान खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है।
दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि खुदरा बाजार में चीनी की कीमतें ₹45 प्रति किलो से सीधे ₹65-₹70 प्रति किलो तक पहुंच चुकी हैं—यानी सीधे 44%-55% तक की वृद्धि है। देश में चीनी की कमी से एक्सपोर्ट पर बैन लगा हुआ है और हैरानी की बात ये है कि जो भारत कल तक दुनिया को चीनी बेचता था, वो आज चीनी इंपोर्ट कर रहा है। दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि सरकार का मकसद किसानों को उनकी मेहनत का वाजिब दाम न देकर सिर्फ चंद उद्योगपतियों की तिजोरी भरना रह गया है। बीजेपी सरकार की गलत नीतियों ने इस त्योहारी मौसम में चीनी का स्वाद तो कड़वा कर ही दिया है अब किसानों की दिवाली भी फीकी कर दी।








