संवाद से विवाद सुलझाने की अपील, जरूरत पड़ने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष से करेंगे मुलाकात
अंबाला। एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेश शांडिल्य ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में न्यायाधीशों और अधिवक्ताओं के बीच विवाद पर चिंता जताई है। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से इस मामले में स्वतः संज्ञान लेकर बेंच और बार के बीच आई कड़वाहट दूर कराने की अपील की।
शांडिल्य ने कहा कि न्यायाधीशों और अधिवक्ताओं का संबंध परस्पर सम्मान, विश्वास और न्याय के साझा उद्देश्य पर आधारित है। दोनों के विवाद में उलझने से समाज में अच्छा संदेश नहीं जाता। न्यायपालिका की गरिमा और न्याय व्यवस्था के सुचारु संचालन के लिए मतभेदों का समाधान संवाद से किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर वह इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष से मुलाकात कर विवाद के सौहार्दपूर्ण समाधान की अपील करेंगे। उन्होंने दोनों पक्षों से आग्रह किया कि इस कटु अनुभव को पीछे छोड़कर आपसी विश्वास बहाल करने की दिशा में कदम बढ़ाएं।
शांडिल्य ने बताया कि उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति अजय भनोट को पत्र लिखकर अधिवक्ताओं से बातचीत के माध्यम से विवाद का पटाक्षेप करने का अनुरोध किया है। साथ ही, हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से भी समाधान के लिए पहल करने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण और नजीर बनने वाले न्यायिक निर्णयों में अधिवक्ताओं के तर्कों और सहयोग की अहम भूमिका होती है। यही सहभागिता बेंच और बार के रिश्ते की बुनियाद मजबूत करती है। यदि किसी गलतफहमी से मतभेद पैदा हुए हैं तो उन्हें आपसी बातचीत से दूर किया जाना चाहिए।
शांडिल्य ने कहा कि न्यायाधीश और अधिवक्ता, दोनों न्याय दिलाने की प्रक्रिया के महत्वपूर्ण अंग हैं। दोनों के स्वाभिमान और गरिमा का सम्मान करते हुए विवाद समाप्त करने की पहल होनी चाहिए, ताकि न्यायपालिका पूरी मजबूती के साथ अपना कार्य करती रहे।








