‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के तहत गुरुग्राम के विभिन्न विद्यालयों में कानूनी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

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बाल अधिकारों, पॉक्सो अधिनियम और बाल संरक्षण से जुड़े कानूनी प्रावधानों की दी जानकारी

गुरुग्राम, 30 अक्टूबर- ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के तहत जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण (डीएलएसए), गुरुग्राम द्वारा जिले के विभिन्न सरकारी एवं निजी विद्यालयों में विशेष कानूनी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं डीएलएसए अध्यक्ष नरेंद्र सुरा के मार्गदर्शन तथा मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं डीएलएसए सचिव निशा के नेतृत्व में आयोजित इन कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को बाल अधिकारों, बाल संरक्षण और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े कानूनी प्रावधानों के प्रति जागरूक करना रहा।

अभियान के तहत पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, चक्करपुर में विशेष कानूनी जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं डीएलएसए सचिव निशा ने सत्र न्यायालय, गुरुग्राम के दो न्यायिक अधिकारियों के साथ संयुक्त रूप से शिविर का संचालन किया। इस दौरान विद्यार्थियों को बाल अधिकारों, बाल संरक्षण, बाल शोषण एवं उत्पीड़न की रोकथाम तथा बच्चों के लिए सुरक्षित एवं बाल-अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करने के संबंध में जानकारी दी गई।

इसके अतिरिक्त राजकीय उच्च विद्यालय, 4/8 मरला, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, शिवाजी नगर, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक कन्या विद्यालय, वजीराबाद, सूरज इंटरनेशनल स्कूल, सेक्टर-75 तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कादरपुर सहित जिले के विभिन्न सरकारी एवं निजी विद्यालयों में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें न्यायिक अधिकारियों, पैनल अधिवक्ताओं, पैरा लीगल वालंटियर्स (पीएलवी), पुलिस अधिकारियों और लॉ के विद्यार्थियों ने भाग लेकर विद्यार्थियों को कानूनी जानकारी दी।

इसी क्रम में सोहना एवं पटौदी उपमंडलों के विभिन्न सरकारी एवं निजी विद्यालयों में भी विशेष कानूनी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में न्यायिक अधिकारियों एवं पैनल अधिवक्ताओं ने विद्यार्थियों को बाल अधिकारों, बाल संरक्षण से जुड़े कानूनी प्रावधानों और जरूरत पड़ने पर उपलब्ध कानूनी सहायता के बारे में बताया।

कार्यक्रमों के दौरान बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों, उपलब्ध सहायता एवं संरक्षण व्यवस्था तथा किसी भी प्रकार के शोषण या उत्पीड़न की स्थिति में संबंधित प्राधिकरणों से संपर्क करने के बारे में भी जानकारी दी गई। साथ ही बच्चों के लिए सुरक्षित एवं बाल-अनुकूल वातावरण तैयार करने में समाज की भूमिका के प्रति जागरूक किया गया।

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Author: Bharat Sarathi

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