स्वामी श्रद्धानन्द बलिदान शताब्दी समारोह में होंगी मुख्य अतिथि
20 हजार से अधिक आर्यजनों के जुटने की संभावना, गुरुकुल प्रबंधन ने प्रेसवार्ता कर दी समारोह की जानकारी।
थानेसर, संजीव कुमारी 30 अक्टूबर : अमर हुतात्मा स्वामी श्रद्धानन्द जी के बलिदान दिवस के शताब्दी समारोह में 1 नवम्बर को देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु शिरकत करेंगी। राष्ट्रपति इस अवसर पर मुख्य अतिथि होंगी। हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष समारोह की अध्यक्षता करेंगे, गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत एवं हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। समारोह को लेकर शुक्रवार को गुरुकुल प्रबंधन की ओर से प्रेसवार्ता आयोजित की गई।
गुरुकुल प्रबंधन ने बताया कि इस वर्ष महान् स्वतंत्रता सेनानी अमर हुतात्मा स्वामी श्रद्धानन्द जी के बलिदान के सौ वर्ष पूरे हो रहे हैं। आर्य प्रतिनिधि सभा हरियाणा के मार्गदर्शन में गुरुकुल कुरुक्षेत्र अपने संस्थापक स्वामी श्रद्धानन्द जी के बलिदान शताब्दी वर्ष को ‘स्वामी श्रद्धानन्द बलिदान शताब्दी समारोह’ के रूप मना रहा है। 1 नवम्बर को देश की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मु जी वर्षपर्यन्त चलने वाले इस कार्यक्रम की गुरुकुल परिसर से शुरुआत करेंगी। स्वामी श्रद्धानन्द जी को श्रद्धासुमन अर्पित करेंगी। इस अवसर पर डीएवी प्रबंधकत्री सभा, दिल्ली के प्रधान पद्मश्री डॉ. पूनम सूरी, सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान सुरेन्द्र कुमार आर्य तथा आर्य प्रतिनिधि सभा हरियाणा के प्रधान धर्मवीर सिंह आर्य का भी सान्निध्य प्राप्त होगा।
गुरुकुल प्रबंधन ने बताया कि समारोह में दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और बिहार सहित देश के विभिन्न राज्यों से 20 हजार से अधिक आर्यजनों के पहुंचने की संभावना है। आयोजन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। गुरुकुल प्रबंधन के साथ जिला प्रशासन भी सुरक्षा, यातायात, अतिथि सत्कार और अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटा है। उन्होंने कहा कि समारोह को ऐतिहासिक बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। स्वामी श्रद्धानन्द जी ने शिक्षा, समाज सुधार और राष्ट्र निर्माण के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित किया। उनके बलिदान की शताब्दी पर आयोजित यह समारोह उनके विचारों और आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण अवसर है। राष्ट्रपति का गुरुकुल आगमन संस्थान ही नहीं, बल्कि संपूर्ण आर्य समाज और गुरुकुलीय शिक्षा परंपरा के लिए गौरव का विषय है।
गुरुकुल कुरुक्षेत्र वर्तमान में शिक्षा एवं संस्कारों के क्षेत्र में हरियाणा का अग्रणी शिक्षण संस्थान है। राज्यपाल आचार्य देवव्रत के मार्गदर्शन में संस्थान ने शिक्षा, अनुशासन एवं वैदिक संस्कारों के साथ प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय पहचान बनाई है। गुरुकुल का प्राकृतिक कृषि फार्म किसानों के लिए प्रेरणा का केंद्र बना हुआ है। यहां से प्रेरित होकर देश के विभिन्न राज्यों में लाखों किसान प्राकृतिक खेती को अपना रहे हैं।
गुरुकुल कुरुक्षेत्र को देश की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियों की मेजबानी का गौरव प्राप्त है। इससे पहले पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल, गिरिराज सिंह, सूर्यप्रताप शाही, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और गजेन्द्र सिंह शेखावत सहित कई राज्यों के राज्यपाल एवं अनेक विशिष्ट व्यक्ति गुरुकुल का दौरा कर चुके हैं।
उल्लेखनीय है कि पिछले 10 वर्षों में गुरुकुल कुरुक्षेत्र ने 90 से अधिक छात्रों को एनडीए के माध्यम से सेना में उच्च पदों पर पहुंचाकर जहां देश की सैन्य शक्ति को मजबूत बनाने का महत्त्वपूर्ण कार्य किया है, वहीं मेडिकल सहित देश के प्रतिष्ठित प्रौद्यागिकी संस्थानों में 130 से अधिक युवाओं को प्रवेश दिलाकर कुशल और ईमानदार सेवक राष्ट्र को समर्पित किये हैं।








