गीता महोत्सव में स्वच्छता और यातायात व्यवस्था पर दें विशेष ध्यान : नवीन जिन्दल

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कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की 83वीं बैठक में राज्यपाल असीम कुमार घोष, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने की शिरकत

कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की 83वीं बैठक में तीर्थों के संरक्षण और पर्यटन सुविधाओं के विस्तार पर चर्चा

सांसद ने महोत्सव में युवाओं की अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित करने पर दिया जोर

थानेसर, 29 अक्तूबर (संजीव कुमारी)। सांसद नवीन जिन्दल ने अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिए स्वच्छता तथा सुचारु यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई। चंडीगढ़ में आयोजित कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के प्रबंध मंडल की 83वीं बैठक में उन्होंने कहा कि महोत्सव में युवाओं की अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें अपनी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को जानने-समझने का अवसर मिले।

बैठक में हरियाणा के राज्यपाल असीम कुमार घोष, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज, सांसद नवीन जिन्दल सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। इस दौरान कुरुक्षेत्र के समग्र विकास, 48 कोस क्षेत्र के तीर्थों के संरक्षण, पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव की व्यवस्थाओं पर चर्चा हुई।

जिन्दल ने कहा कि कुरुक्षेत्र केवल हरियाणा की पहचान नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है। यह वह पावन भूमि है, जहाँ भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को श्रीमद्भगवद्गीता का संदेश दिया। इस विरासत को संरक्षित रखते हुए ऐसी सुविधाएँ विकसित की जानी चाहिए, जिनसे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके।

उन्होंने कहा कि महोत्सव के दौरान स्वच्छता और यातायात की बेहतर व्यवस्था से आमजन को सहूलियत मिलेगी। साथ ही युवाओं की सक्रिय भागीदारी उन्हें गीता के संदेश और कुरुक्षेत्र के ऐतिहासिक महत्व से जोड़ने में सहायक होगी।

बैठक में धर्मनगरी की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को मजबूत करते हुए उसे अंतरराष्ट्रीय आध्यात्मिक एवं पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने पर भी जोर दिया गया।

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Author: Bharat Sarathi

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