भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग
प्रथम व द्वितीय श्रेणी की नौकरियों में पिछड़े वर्ग के साथ भेदभाव का आरोप
रेवाडी, 27 अक्टूबर। स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने हरियाणा सरकार से मांग की है कि हरियाणा लोक सेवा आयोग का नया अध्यक्ष दक्षिण हरियाणा से संबंधित पिछड़े वर्ग के किसी योग्य व्यक्ति को बनाया जाए। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र को प्रतिनिधित्व मिलने के साथ पिछड़े वर्ग के युवाओं में भर्ती प्रक्रिया के प्रति भरोसा मजबूत होगा।
विद्रोही ने दावा किया कि हरियाणा के गठन के बाद से दक्षिण हरियाणा के किसी भी व्यक्ति को न तो हरियाणा लोक सेवा आयोग और न ही हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग का अध्यक्ष बनने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए चयन प्रक्रिया का नेतृत्व दक्षिण हरियाणा के किसी योग्य व्यक्ति को सौंपने का यह उचित समय है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासन में प्रथम व द्वितीय श्रेणी की सरकारी नौकरियों में नियमों की आड़ में पिछड़े वर्ग के युवाओं के साथ अन्याय और भेदभाव हुआ है। उनके अनुसार, दक्षिण हरियाणा के पिछड़े वर्ग से संबंधित योग्य व्यक्ति को आयोग का अध्यक्ष नियुक्त करने से इस वर्ग के सरोकारों को बेहतर ढंग से समझने और कथित भेदभाव दूर करने की दिशा में कदम उठाने में मदद मिलेगी।
विद्रोही ने कहा कि प्रदेश के गठन के बाद दक्षिण हरियाणा के लोगों को उनकी प्रतिभा के अनुरूप सत्ता और प्रशासन में उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिला। उन्होंने कहा कि हरियाणा में भाजपा को सत्ता दिलाने में दक्षिण हरियाणा की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। ऐसे में सरकार को इस क्षेत्र की प्रतिनिधित्व संबंधी अपेक्षाओं का सम्मान करना चाहिए।
उन्होंने मांग की कि सरकार दक्षिण हरियाणा के पिछड़े वर्ग से किसी योग्य व्यक्ति को आयोग की जिम्मेदारी देकर युवाओं को भरोसा दिलाए कि उनके अधिकारों की रक्षा होगी और प्रथम व द्वितीय श्रेणी की सरकारी नौकरियों में योग्यता के आधार पर पारदर्शी तथा निष्पक्ष चयन सुनिश्चित किया जाएगा।








