महापंचायत में आंदोलन का ऐलान, 3 नवंबर को देंगे ज्ञापन

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रोहतक में जुटे किसान, मजदूर, छात्र, युवा और महिलाएं; गुरुग्राम से भी भागीदारी

मांगों की अनदेखी पर फरवरी 2027 में विधानसभा सत्र के दौरान जिलावार प्रदर्शन की घोषणा

गुरुग्राम, 26 अक्टूबर। रोहतक के वन्दनम समारोह स्थल में आयोजित किसान-मजदूर-छात्र-युवा-महिला महापंचायत में विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर संयुक्त आंदोलन चलाने का संकल्प लिया गया। महापंचायत ने 3 नवंबर को जिलावार ज्ञापन देने और मुख्यमंत्री से मिलकर मांगों पर कार्रवाई का आग्रह करने का निर्णय लिया। मांगों की अनदेखी होने पर फरवरी 2027 में विधानसभा सत्र के दौरान जिला स्तर पर विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।

आयोजकों के अनुसार, महापंचायत में प्रदेशभर से हजारों किसान, मजदूर, छात्र, युवा और महिलाएं शामिल हुईं। गुरुग्राम से ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक यूथ ऑर्गेनाइजेशन और ऑल इंडिया यूनाइटेड ट्रेड यूनियन सेंटर के कार्यकर्ताओं ने भी बड़ी संख्या में भागीदारी की।

फसलों की खरीद और मुआवजे की मांग

महापंचायत में बाजरा और धान की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर समुचित खरीद, समय पर सस्ता एवं गुणवत्तापूर्ण खाद-बीज उपलब्ध कराने तथा फसल खराबे पर प्रति एकड़ 50 हजार रुपये मुआवजा देने की मांग उठाई गई। पेयजल और सिंचाई के लिए नहरों में पर्याप्त पानी छोड़ने, कृषि विश्वविद्यालय में शोध सेवाएं बहाल करने तथा शामलात भूमि के अधिग्रहण और लैंड पूलिंग योजना पर रोक लगाने की मांग भी की गई।

वक्ताओं ने गुरुग्राम और नूंह समेत प्रदेश में बिजली के निजीकरण पर पूर्ण रोक लगाने तथा बुढ़ापा पेंशन बढ़ाकर दस हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग रखी।

मजदूरों के लिए 42 हजार रुपये मासिक वेतन की मांग

महापंचायत ने आठ घंटे का कार्यदिवस सुनिश्चित करने, सभी स्कीम वर्करों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने तथा मिड-डे-मील, आशा और आंगनवाड़ी कर्मियों समेत सभी मजदूरों के लिए 42 हजार रुपये मासिक वेतन लागू करने की मांग की। कर्मचारियों को नियमित करने और ग्रामीण गरीबों को पूरे वर्ष काम उपलब्ध कराने का मुद्दा भी उठाया गया।

वक्ताओं ने महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने के लिए पुलिस तथा न्याय प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया। सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने, नशाखोरी पर रोक लगाने और पंचायतों को करमुक्त करने की मांग भी रखी गई।

परिवार पहचान पत्र योजना रद्द करने की मांग

महापंचायत में परिवार पहचान पत्र योजना रद्द करने और प्रॉपर्टी आईडी संबंधी समस्याओं का त्वरित समाधान करने की मांग उठाई गई। हरियाणा रोडवेज का बस बेड़ा बढ़ाकर सस्ती एवं सुलभ परिवहन सेवा उपलब्ध कराने, निजी बसों में बुजुर्गों के लिए आधा किराया और विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क बस पास की सुविधा लागू करने की मांग भी की गई।

26 नवंबर को दिल्ली आंदोलन में भागीदारी

महापंचायत ने संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर 26 नवंबर को दिल्ली में होने वाले आंदोलन में हरियाणा से बड़ी संख्या में किसानों और खेत मजदूरों की भागीदारी का ऐलान किया। सभी फसलों की समग्र लागत पर 50 प्रतिशत लाभ जोड़कर न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करने और उस दर पर सरकारी खरीद की कानूनी गारंटी देने की मांग दोहराई गई।

इसके साथ ही कर्जमुक्ति, भारत-अमेरिका व्यापार समझौता वार्ता रोकने और चार श्रम संहिताएं रद्द करने की मांग रखी गई। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण—एसआईआर—को रद्द करने, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त कर उनके विरुद्ध कार्रवाई करने तथा मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मामलों में बहाली की मांग भी उठाई गई।

महापंचायत ने दिल्ली किसान आंदोलन में जान गंवाने वाले किसानों की स्मृति में सिंघु और टिकरी बॉर्डर पर शहीद स्थल बनाने के लिए निःशुल्क भूमि उपलब्ध कराने की मांग की।

शिक्षा और रोजगार पर हस्ताक्षर अभियान

महापंचायत ने रोजगार को संवैधानिक अधिकार बनाने के लिए राष्ट्रव्यापी आंदोलन चलाने का आह्वान किया। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के विकल्प के रूप में प्रस्तावित ‘जन शिक्षा नीति-2026’ लागू कराने के लिए राष्ट्रपति के नाम हस्ताक्षर अभियान चलाने का निर्णय भी लिया गया।

वक्ताओं ने आरोप लगाया कि मौजूदा नीतियों से रोजगार के अवसर घट रहे हैं और शिक्षा के लोकतांत्रिक, वैज्ञानिक तथा धर्मनिरपेक्ष स्वरूप को नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने जनसंघर्षों को मजबूत करने के लिए विभिन्न स्तरों पर जनसंघर्ष कमेटियां गठित करने का आह्वान किया।

महापंचायत में नवजागरण के अग्रदूतों, साहित्यकारों और क्रांतिकारी शहीदों की विरासत को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया। वक्ताओं ने कहा कि सामाजिक एकता और आपसी भाईचारे को मजबूत करते हुए आर्थिक शोषण के विरुद्ध संयुक्त आंदोलन विकसित किए जाएंगे।

विभिन्न संगठनों ने किया संयुक्त आयोजन

महापंचायत का आयोजन ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन, ऑल इंडिया यूनाइटेड ट्रेड यूनियन सेंटर, महिला सांस्कृतिक संगठन, ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक यूथ ऑर्गेनाइजेशन और ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। अध्यक्षता अनूप सिंह मातनहेल, मास्टर जयकरण मांडौठी, ईश्वर सिंह राठी, सेवानिवृत्त मुख्याध्यापक सूबे सिंह यादव और महिला नेत्री बिमला देवी ने की।

महापंचायत को ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं संयुक्त किसान मोर्चा के नेता कॉमरेड सत्यवान, शहीद भगत सिंह की भांजी गुरजीत कौर, अर्थशास्त्री एवं जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त प्रोफेसर अरुण कुमार, एआईयूटीयूसी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अरुण कुमार सिंह और प्रदेश अध्यक्ष कॉमरेड राजेंद्र सिंह एडवोकेट ने संबोधित किया।

स्कीम वर्कर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया की महासचिव इस्मत आरा खातून, किसान नेता ओमप्रकाश धनखड़, उमराव सिंह, प्रदीप हुड्डा, पुष्पा दलाल, कॉमरेड इंद्रजीत, संतोष देवी, राजबाला देवी, छात्र नेता श्रेया, युवा नेता हरीश कुमार और अनूप सिंह मातनहेल ने भी अपने विचार रखे।

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Author: Bharat Sarathi

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