धान उठान में देरी से मंडियों में भीगी किसानों की फसल, प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल विशेष गिरदावरी करवाकर मुआवजा दे सरकार
गेहूं की बिजाई के समय डीएपी खाद की कमी चिंताजनक, किसानों को फसल बेचने से लेकर अगली बिजाई तक झेलनी पड़ रही परेशानियां
चंडीगढ़/सिरसा, 26 अक्टूबर। सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं सीडब्ल्यूसी सदस्य कुमारी सैलजा ने हरियाणा में बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि, मंडियों में धान उठान की धीमी गति और डीएपी खाद की किल्लत पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का अन्नदाता इस समय चौतरफा संकट से जूझ रहा है। एक ओर खेतों में खड़ी फसल पर मौसम की मार पड़ी है, दूसरी ओर मंडियों में बिकने के इंतजार में पड़ा धान बारिश से भीग रहा है। गेहूं की अगली बिजाई के लिए खाद की उपलब्धता भी किसानों की चिंता बढ़ा रही है।
कुमारी सैलजा ने कहा कि सिरसा और फतेहाबाद जिलों के रानियां, डबवाली, डिंग, रतिया और टोहाना सहित विभिन्न क्षेत्रों में बारिश और ओलावृष्टि से धान सहित अन्य फसलों को नुकसान की आशंका है। प्रदेश के अन्य प्रभावित जिलों में भी स्थिति का तत्काल आकलन किया जाना चाहिए। सांसद ने कहा कि मंडियों में पर्याप्त शैड, तिरपाल, जल निकासी और समयबद्ध उठान की व्यवस्था सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। कांग्रेस पहले भी धान उठान में तेजी लाने की मांग कर चुकी है, लेकिन व्यवस्थाओं में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
सांसद ने कहा कि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए मंडियों में इंतजार करना पड़ रहा है, जबकि गेहूं की बिजाई के लिए डीएपी खाद जुटाना भी चुनौती बन गया है। पानीपत सहित विभिन्न जिलों से खाद की उपलब्धता और वितरण को लेकर शिकायतें सामने आ रही हैं। सरकार को जिलावार मांग और उपलब्ध स्टॉक सार्वजनिक करके पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करना चाहिए।
किसानों को राहत देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए
कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस की नीति किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य, समय पर भुगतान, सस्ती कृषि लागत और प्राकृतिक आपदाओं में न्यायसंगत मुआवजा दिलाने की है। सरकार तत्काल विशेष गिरदावरी करवाए, मंडियों में भीगी फसल का नुकसान आंके, प्रभावित किसानों को मुआवजा दे और धान खरीद, उठान तथा डीएपी आपूर्ति की व्यवस्था दुरुस्त करे। किसानों को राहत देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।








