अहीरवाल में बढ़ रही भाजपा की गुटबाजी : विद्रोही

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राव इंद्रजीत की चाय पार्टी को बताया शक्ति प्रदर्शन, कांग्रेस की संगठनात्मक कमजोरी पर भी उठाए सवाल

रेवाड़ी, 26 अक्टूबर। स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने कहा कि अहीरवाल में भाजपा की गुटबाजी और खेमेबंदी कम होने के बजाय बढ़ रही है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह द्वारा चंडीगढ़ में अपनी पुत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री आरती राव के सरकारी निवास पर अहीरवाल से संबंधित विधायकों को चाय पार्टी में बुलाने को भाजपा नेतृत्व के सामने शक्ति प्रदर्शन बताया।

विद्रोही ने दावा किया कि अहीरवाल क्षेत्र के दस भाजपा विधायकों में से अब आठ विधायक राव इंद्रजीत सिंह के खेमे में नजर आ रहे हैं। उनके अनुसार, बादशाहपुर के विधायक एवं मंत्री राव नरबीर सिंह पहले से राव इंद्रजीत सिंह के विरोधी खेमे में हैं, जबकि रेवाड़ी के विधायक लक्ष्मण यादव भी अब उनके खेमे से अलग हो चुके हैं।

और बढ़ेगी खेमेबंदी

विद्रोही ने कहा कि आने वाले समय में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की ओर से गुरुग्राम में राव नरबीर सिंह, रेवाड़ी में लक्ष्मण यादव तथा महेंद्रगढ़ जिले में अभय सिंह यादव, राव इंद्रजीत सिंह के विरोध में अधिक सक्रिय हो सकते हैं। उन्होंने आशंका जताई कि इससे क्षेत्र में भाजपा की गुटबाजी और बढ़ेगी।

उन्होंने टिप्पणी की कि भाजपा के विभिन्न खेमे फिलहाल सत्ता के कारण एकजुट हैं, इसलिए तत्काल बिखराव की संभावना नहीं है। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि सत्ता का यह जुड़ाव कमजोर पड़ते ही अहीरवाल में पार्टी के भीतर बिखराव सामने आ सकता है।

कांग्रेस को जमीनी संगठन मजबूत करने की जरूरत

विद्रोही ने कहा कि भाजपा की गुटबाजी का राजनीतिक लाभ उठाना कांग्रेस की सक्रियता और संगठनात्मक मजबूती पर निर्भर करेगा। उन्होंने अहीरवाल में कांग्रेस की स्थिति को कमजोर बताते हुए कहा कि पार्टी पिछले 12 वर्षों में अपना खोया जनाधार वापस हासिल नहीं कर सकी है। इसे उन्होंने कांग्रेस की बड़ी राजनीतिक विफलता बताया।

उन्होंने कहा कि अहीरवाल में अपनी राजनीतिक ताकत मजबूत किए बिना कांग्रेस के लिए हरियाणा की सत्ता तक पहुंचना आसान नहीं होगा। उनके अनुसार, पार्टी की वर्तमान गतिविधियों को देखते हुए फिलहाल ऐसा नहीं लगता कि वह क्षेत्र में अपना पुराना जनाधार वापस पाने की दिशा में पर्याप्त प्रयास कर रही है।

विद्रोही ने आरोप लगाया कि अहीरवाल में कांग्रेस नेताओं का संघर्ष मीडिया में तस्वीरें खिंचवाने और कार्यक्रमों तक सीमित है, जबकि बूथ स्तर पर संगठन निष्क्रिय बना हुआ है। उन्होंने कहा कि भाजपा को सत्ता से बाहर करने के लिए कांग्रेस को अहीरवाल में जमीनी सक्रियता बढ़ानी होगी और जनता के बीच अपना आधार मजबूत करना होगा।

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Author: Bharat Sarathi

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