दिल्ली सीमा पर सघन जाँच; पंकज डावर और वर्धन यादव ने लगाए नजरबंदी के आरोप
हरियाणा से जुड़ी कई रेल सेवाएं रद्द, रेलवे ने बताया परिचालन कारण
गुरुग्राम, 10 अक्टूबर। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर शनिवार को गुरुग्राम-दिल्ली सीमा पर सुरक्षा कड़ी रही। सीमा पर वाहनों की जाँच और यात्रियों के पहचान पत्रों के सत्यापन के बीच गुरुग्राम के कांग्रेस नेताओं को दिल्ली जाने से रोकने के आरोप भी सामने आए हैं। स्थानीय कांग्रेस के शहरी और ग्रामीण, दोनों जिलाध्यक्षों ने प्रदर्शन से पहले पुलिस कार्रवाई पर आपत्ति जताई थी।
सीमा पर वाहनों और यात्रियों की जाँच
दिल्ली-गुरुग्राम सीमा पर टोल प्लाजा के नजदीक पुलिसकर्मियों ने वाहनों की जाँच की। कुछ बसों को रोककर यात्रियों के पहचान पत्र देखे गए। एनडीटीवी की मौके की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शन के मद्देनजर सीमा पर निगरानी बढ़ाई गई और सीसीटीवी के माध्यम से भी स्थिति पर नजर रखी गई।
उधर, दिल्ली में जंतर-मंतर और कनॉट प्लेस के आसपास प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए कई स्तरों पर बैरिकेडिंग की गई। शनिवार दोपहर की रिपोर्टों में छात्र संगठन एसएफआई और वामपंथी कार्यकर्ताओं के आगे बढ़ने के प्रयास तथा पुलिस द्वारा उन्हें हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई।
गुरुग्राम के दोनों जिलाध्यक्षों ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
गुरुग्राम ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष वर्धन यादव ने नौ अक्टूबर को आरोप लगाया कि उन्हें घर में नजरबंद रखा गया और उनके आवास के बाहर पुलिस की दो पीसीआर गाड़ियां तैनात की गईं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को दिल्ली जाने से रोकने के लिए पुलिस का इस्तेमाल किया जा रहा है। शांतिपूर्ण प्रदर्शन जनता का लोकतांत्रिक अधिकार है और सरकार को इसे दबाने का प्रयास नहीं करना चाहिए।
गुरुग्राम शहरी कांग्रेस अध्यक्ष पंकज डावर ने भी आरोप लगाया कि ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान से घबराकर सरकार पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं पर पाबंदियां लगा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस के जरिए कार्यकर्ताओं को रोककर उनकी आवाज नहीं दबाई जा सकती। दोनों जिलाध्यक्षों ने कार्रवाई की निंदा करते हुए शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार का सम्मान करने की मांग की।
आठ अक्टूबर को गुरुग्राम में निकला था जुलूस
दिल्ली के प्रदर्शन से पहले आठ अक्टूबर को गुरुग्राम में कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के घटक दलों ने चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के विरोध में जुलूस निकाला था। पूर्व विधायक विरेंद्र पाल शाह की अध्यक्षता में हुए प्रदर्शन में पंकज डावर और वर्धन यादव सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। नेताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे तथा चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता की मांग उठाई थी।
हरियाणा की रेल सेवाओं पर भी असर
प्रदर्शन के बीच हरियाणा से दिल्ली की रेल यात्रा भी प्रभावित हुई। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर पश्चिम रेलवे ने दस अक्टूबर के लिए दिल्ली से जुड़ी 13 रेल सेवाएं रद्द करने की घोषणा की थी, जिनमें अधिकांश का संबंध हरियाणा से था। इनमें रेवाड़ी-दिल्ली, हिसार-दिल्ली और भिवानी-तिलक ब्रिज की सेवाएं शामिल थीं।
रेलवे ने सेवाएं रद्द करने के पीछे परिचालन संबंधी कारण बताए। प्रदर्शन के आयोजकों ने इसे लोगों को दिल्ली पहुँचने से रोकने का प्रयास बताया है; यह आयोजकों का आरोप है, रेलवे का घोषित कारण नहीं।







