लंबित शिकायतों के समाधान में देरी पर तय होगी अधिकारियों की जवाबदेही : डीसी उत्तम सिंह

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*मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीसी के माध्यम से की जिला उपायुक्तों के साथ समीक्षा बैठक*

*दोबारा खोली गई शिकायतों की समीक्षा और एटीआर में कार्रवाई का पूरा ब्योरा दर्ज करने के निर्देश*

गुरुग्राम, 9 अक्टूबर- डीसी उत्तम सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित शिकायतों की विभागवार निगरानी करते हुए उनका निर्धारित समय सीमा में समाधान सुनिश्चित करें। जिन मामलों में अनावश्यक देरी हो रही है, उनमें संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी की जवाबदेही तय की जाए। उन्होंने ये निर्देश शुक्रवार को लघु सचिवालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में सीएम विंडो, सीएम जन संवाद, सीपीग्राम्स और समाधान शिविरों सहित विभिन्न माध्यमों से प्राप्त शिकायतों की समीक्षा के दौरान दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों पर कार्रवाई का उद्देश्य केवल पोर्टल पर स्थिति अपडेट करना नहीं, बल्कि शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक समाधान करना होना चाहिए।

इससे पहले मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला उपायुक्तों की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक लेते हुए शिकायतों के प्रभावी समाधान और प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को आमजन की समस्याओं को गंभीरता और संवेदनशीलता से सुनने तथा शिकायतकर्ताओं को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से बचाने के लिए प्रभावी कार्रवाई करने को कहा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि उपमंडल स्तर पर आयोजित समाधान शिविरों में शिकायतों की सुनवाई निर्बाध रूप से जारी रहनी चाहिए। यदि एसडीएम अवकाश पर हों या किसी बैठक के लिए बाहर जा रहे हों, तो वे पहले से ही किसी अन्य वरिष्ठ अधिकारी की लिखित रूप में ड्यूटी निर्धारित करें, ताकि शिविर में आने वाले लोगों की शिकायतों की सुनवाई प्रभावित न हो और उन्हें समय पर उचित समाधान मिल सके।

*दोबारा खोली गई शिकायतों की गंभीरता से करें समीक्षा*

डीसी उत्तम सिंह ने कहा कि दोबारा खोली गई शिकायतों की समीक्षा करते समय पहले की गई कार्रवाई और शिकायत दोबारा खुलने के कारणों की जांच की जाए। अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि पहले की कार्रवाई में रह गई कमियों को दूर करते हुए शिकायत का उचित समाधान किया जाए। एक से अधिक विभागों से जुड़ी शिकायतों में संबंधित विभाग आपसी समन्वय से काम करें। साथ ही, शिकायतकर्ता को उसकी शिकायत पर की गई कार्रवाई और वर्तमान स्थिति की जानकारी दी जाए।

*एटीआर में कार्रवाई का वास्तविक विवरण दर्ज करें अधिकारी*

डीसी ने निर्देश दिए कि शिकायतों की एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) में की गई कार्रवाई का स्पष्ट और तथ्यात्मक विवरण दर्ज किया जाए। रिपोर्ट में आवश्यक तथ्य एवं संबंधित दस्तावेज शामिल हों तथा सक्षम अधिकारी के हस्ताक्षर सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने कहा कि एटीआर केवल औपचारिकता पूरी करने का माध्यम नहीं है, बल्कि इसमें शिकायत पर की गई कार्रवाई और उसके परिणाम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए। रिपोर्ट में सही जानकारी दर्ज होने से शिकायतों की समीक्षा और आगे की कार्रवाई तय करने में मदद मिलेगी।

इस अवसर पर एडीसी सोनू भट्ट, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) की प्रशासक वैशाली सिंह, एसडीएम बादशाहपुर संजीव सिंगला, एसडीएम गुरुग्राम हितेंद्र कुमार, , एसडीएम मानेसर लोकेश यादव, सीटीएम ज्योति नागपाल, संयुक्त आयुक्त सपना यादव, डीआरओ विजय यादव, एसीपी मुकेश कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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Author: Bharat Sarathi

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