एआईयूटीयूसी ने भाजपा-आरएसएस से जुड़े तत्वों पर लगाया आरोप, पुलिस की भूमिका की जांच और कार्रवाई की मांग
गुरुग्राम, 6 अक्टूबर। ऑल इंडिया यूनाइटेड ट्रेड यूनियन सेंटर (एआईयूटीयूसी) की गुड़गांव जिला कमेटी ने पश्चिम बंगाल के मेदिनीपुर में आयोजित किसान पंचायत पर कथित हमले और सभा में व्यवधान की कड़ी निंदा की है। संगठन के जिला सचिव कामरेड श्रवण कुमार ने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस से जुड़े तत्वों ने ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन (एआईकेकेएमएस) की शांतिपूर्ण सभा को बाधित किया और वहां उपस्थित महिला किसानों के प्रति अभद्र व्यवहार किया। उन्होंने स्थानीय पुलिस प्रशासन पर मूकदर्शक बने रहने और पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का भी आरोप लगाया।
मंगलवार को जारी बयान में श्रवण कुमार ने कहा कि मेदिनीपुर के खुदीराम प्रतिमा मैदान में किसान अपनी मांगों को लेकर पंचायत कर रहे थे। उनके अनुसार, जब एआईकेकेएमएस के अखिल भारतीय महासचिव कामरेड शंकर घोष किसानों को संबोधित कर रहे थे, तभी कुछ लोगों ने लाउडस्पीकर पर शोर मचाकर और अभद्र इशारे करके सभा में व्यवधान डालने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि पंचायत में बड़ी संख्या में महिला किसान भी मौजूद थीं और इस तरह का व्यवहार उनकी गरिमा तथा लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विरुद्ध है।
पुलिस की भूमिका पर उठाए सवाल
श्रवण कुमार ने दावा किया कि आयोजन की सूचना एक महीने पहले ही विधिवत रूप से प्रशासन को दे दी गई थी। इसके बावजूद सभा की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई और व्यवधान डालने वालों को रोकने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। उन्होंने कहा कि पुलिस की कथित निष्क्रियता से उसकी निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठते हैं। संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच कर जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी, भारत-अमेरिका कृषि व्यापार समझौते को रद्द करने, खाद-बीज की कालाबाजारी रोकने तथा स्मार्ट मीटर के नाम पर कथित आर्थिक बोझ के विरोध जैसी मांगों को लेकर किसान आवाज उठा रहे हैं। शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखना और सभा करना किसानों तथा आम नागरिकों का लोकतांत्रिक अधिकार है। इसे भय, दबाव या व्यवधान के जरिए बाधित करना स्वीकार नहीं किया जा सकता।
दोषियों की पहचान कर कार्रवाई की मांग
एआईयूटीयूसी जिला कमेटी ने मांग की कि किसान पंचायत में व्यवधान डालने, महिलाओं से कथित अभद्रता करने और माहौल बिगाड़ने वालों की तत्काल पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। संगठन ने सुरक्षा उपलब्ध कराने में कथित तौर पर विफल रहे पुलिस अधिकारियों की भूमिका की जांच और दोषी पाए जाने पर विभागीय कार्रवाई की मांग भी उठाई।
श्रवण कुमार ने आरोप लगाया कि जब मजदूर और किसान कॉरपोरेट हितैषी नीतियों तथा जनविरोधी फैसलों के खिलाफ एकजुट होते हैं, तो उनकी आवाज दबाने के लिए धार्मिक उन्माद और हिंसा का सहारा लिया जाता है। उन्होंने कहा कि मजदूर-किसान ऐसे दबाव से पीछे हटने वाले नहीं हैं और अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रखेंगे। संगठन ने शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शनों और सभाओं पर राजनीतिक तथा प्रशासनिक हस्तक्षेप रोकने की मांग की।
26 नवंबर के आंदोलन को समर्थन
श्रवण कुमार ने कहा कि गुरुग्राम सहित देश का श्रमिक वर्ग किसानों के संघर्ष के साथ खड़ा है। उन्होंने एआईकेकेएमएस द्वारा 26 नवंबर को दिल्ली और अन्य राजधानियों में प्रस्तावित आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा की। उन्होंने मजदूरों और किसानों से एकजुट होकर जनविरोधी नीतियों तथा लोकतांत्रिक अधिकारों पर होने वाले हमलों के खिलाफ प्रतिरोध तेज करने का आह्वान किया।









