मसाना स्थित विरासत हेरिटेज विलेज में 19 अक्टूबर तक होगा आयोजन, सांझी प्रतियोगिता के विजेताओं को मिलेंगे आकर्षक पुरस्कार
एसोसिएशन ऑफ हरियाणवीज इन ऑस्ट्रेलिया के सहयोग से आयोजित होगा छठा राज्यस्तरीय उत्सव
कुरुक्षेत्र, 3 अक्टूबर (प्रमोद कौशिक)। हरियाणा की पारंपरिक सांझी कला को सहेजने और नई पीढ़ी को लोक संस्कृति से जोड़ने के उद्देश्य से छठे राज्यस्तरीय ‘विरासत सांझी उत्सव-2026’ का आयोजन 10 से 19 अक्टूबर तक किया जाएगा। जी.टी. रोड स्थित मसाना के विरासत दि हेरिटेज विलेज में आयोजित होने वाले इस उत्सव के लिए प्रदेशभर की सांझी बनाने वाली महिलाओं से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। सांझी प्रतियोगिता में विजयी प्रतिभागियों को आकर्षक पुरस्कार दिए जाएंगे।
विरासत हेरिटेज और एसोसिएशन ऑफ हरियाणवीज इन ऑस्ट्रेलिया के संयुक्त सहयोग से होने वाले उत्सव की जानकारी देते हुए निदेशक अभिनव पूनिया ने बताया कि हरियाणा के विभिन्न क्षेत्रों से सैकड़ों महिलाओं के इसमें भाग लेने की उम्मीद है। उत्सव के माध्यम से लुप्त होती सांझी कला को मंच देने के साथ इसके संरक्षण में महिलाओं की भूमिका को प्रोत्साहित किया जाएगा।
लोक परंपरा के अनुरूप 10 अक्टूबर को प्रतियोगिता
अभिनव पूनिया ने बताया कि सांझी निर्माण प्रतियोगिता 10 अक्टूबर को आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण महिलाएं लोक परंपरा के अनुसार अमावस्या के दिन अपने घरों में सांझी लगाती हैं। इसी सांस्कृतिक परंपरा का निर्वहन करते हुए विरासत में भी प्रतियोगिता के लिए यह दिन निर्धारित किया गया है।
उन्होंने बताया कि इससे पहले वर्ष 2021, 2022, 2023, 2024 और 2025 में पांच सांझी उत्सव आयोजित किए जा चुके हैं। इन आयोजनों की सांझी निर्माण प्रतियोगिताओं में अब तक 500 से अधिक महिलाएं भाग ले चुकी हैं। इस वर्ष भी प्रतिभागियों की रचनात्मकता और पारंपरिक कला-कौशल को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जाएगा।
ऑस्ट्रेलिया से भी सांझी कला सहेजने का संदेश
एसोसिएशन ऑफ हरियाणवीज इन ऑस्ट्रेलिया के प्रधान सेवा सिंह ने शुभकामना संदेश देते हुए हरियाणा की महिलाओं से प्रतियोगिता में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया है। उन्होंने लुप्त होती सांझी लोक कला को बचाने के प्रयासों में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
निदेशक अभिनव पूनिया ने बताया कि उत्सव में हरियाणा के अनेक महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों की टीमें भी भाग लेंगी। स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों को सांझी कला के बारे में जानकारी प्राप्त करने तथा अपनी सांस्कृतिक विरासत को करीब से समझने का अवसर मिलेगा।
नई पीढ़ी को लोक संस्कृति से जोड़ने का प्रयास
अभिनव पूनिया ने कहा कि विरासत दि हेरिटेज विलेज हरियाणा की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं और विलुप्त होती लोक कलाओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। संस्था का उद्देश्य पारंपरिक संस्कृति को नई पीढ़ी से जोड़ना और लुप्तप्राय कलाओं को पुनर्जीवित करना है। सांझी उत्सव इसी प्रयास की महत्वपूर्ण कड़ी है।
उन्होंने बताया कि हरियाणा सहित उत्तर भारत की प्राचीन लोक कला सांझी में लोक आस्था, रचनात्मकता और ग्रामीण जीवन की सुंदर अभिव्यक्ति देखने को मिलती है। आधुनिक समय में यह कला धीरे-धीरे धूमिल होती जा रही है, इसलिए इसके संरक्षण और प्रचार-प्रसार की आवश्यकता है।
सांझी निर्माण और पारंपरिक कला प्रदर्शन को मिलेगा मंच
उत्सव में सांझी निर्माण, पारंपरिक कला प्रदर्शन और प्रतिभागियों की रचनात्मक प्रस्तुतियों को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा। आयोजकों का प्रयास है कि इस मंच के माध्यम से सांझी कलाकारों को पहचान मिले और युवा पीढ़ी में अपनी लोक कलाओं के प्रति रुचि बढ़े।
पूनिया ने बताया कि पिछले वर्षों की भांति इस वर्ष भी सांझी प्रतियोगिता के विजेताओं को आकर्षक पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने प्रदेशभर की सांझी बनाने वाली महिलाओं से उत्सव में भाग लेकर इस सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने के अभियान से जुड़ने का आह्वान किया।








