दिल्ली में वारदात कर दहशत फैलाने की योजना का पुलिस ने किया दावा; बचने के लिए फ्लाईओवर से कूदे आरोपी के पैर में फ्रैक्चर

गुरुग्राम, 3 अक्टूबर। अपराध शाखा फरुखनगर की टीम ने अवैध हथियार रखने और उपलब्ध कराने के मामले में तीन आरोपियों को काबू किया है। पुलिस के अनुसार, इनके कब्जे से दो विदेशी पिस्टल और पांच जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। प्रारंभिक जांच में आरोपियों द्वारा अपने अन्य साथियों के कहने पर अवैध वसूली और रंगदारी के लिए रैकी करने की बात सामने आई है। पुलिस का दावा है कि आरोपी दिल्ली में किसी वारदात को अंजाम देकर भय का माहौल पैदा करने की योजना बना रहे थे।

आरोपियों की पहचान गुरुग्राम के गांव खेड़ा झांझरोला निवासी अभय उर्फ मौलड (20), सोनीपत के पटेल नगर निवासी एवं वर्तमान में सिद्धार्थ कॉलोनी में रहने वाले जतिन उर्फ जोनी (29) तथा गांव खेड़ा झांझरोला निवासी सागर के रूप में हुई है।
अलग-अलग स्थानों से काबू किए आरोपी
पुलिस टीम ने अभय को न्यू पटौदी–गुरुग्राम रोड पर गांव गढ़ी फ्लाईओवर के पास से, जतिन को फरुखनगर से और सागर को फरुखनगर के केपीएम क्षेत्र से काबू किया। पुलिस के मुताबिक, बरामद दोनों पिस्टल चीन निर्मित हैं। इस संबंध में थाना सेक्टर-10 गुरुग्राम में शस्त्र अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
फ्लाईओवर से कूदा सागर, अस्पताल में भर्ती

पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान सागर ने पुलिस से बचने के लिए फ्लाईओवर से छलांग लगा दी, जिससे उसके पैर में फ्रैक्चर हो गया। उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद मामले में उसकी नियमानुसार गिरफ्तारी की जाएगी।
हथियारों की आपूर्ति की कड़ियां तलाश रही पुलिस
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में सामने आया कि अभय को अवैध हथियार जतिन ने उपलब्ध कराए थे, जबकि जतिन को ये हथियार उसके अन्य साथियों से मिले थे। पुलिस हथियारों की आपूर्ति से जुड़े अन्य लोगों और उनके स्रोतों की जांच कर रही है।
प्रारंभिक पूछताछ के आधार पर पुलिस ने बताया कि आरोपी अपने अन्य साथियों के संपर्क में थे और उनके कहने पर अवैध वसूली तथा रंगदारी के लिए रैकी करते थे। दिल्ली में कथित तौर पर प्रस्तावित वारदात और उससे जुड़े संपर्कों की भी पड़ताल की जा रही है।
जतिन पर पहले भी दर्ज है मामला
पुलिस के अनुसार, आपराधिक रिकॉर्ड की जांच में जतिन के खिलाफ दिल्ली में आबकारी अधिनियम के तहत पहले से एक मामला दर्ज मिला है। गुरुग्राम पुलिस आरोपियों के नेटवर्क, अवैध हथियारों की उपलब्धता के स्रोत और इनके संपर्क में रहे अन्य व्यक्तियों की भूमिका की जांच कर रही है। मामले का अनुसंधान जारी है।









