ई-समाधान पोर्टल पर शिकायत को ‘रिजोल्व्ड’ दर्शाने के बावजूद मौके पर समस्या जारी मिलने पर कार्रवाई, पालम विहार और गांव बसई की सीवरेज शिकायतों में संबंधित जेई को कारण बताओ नोटिस
गुरुग्राम, 2 अक्टूबर। सार्वजनिक शिकायतों के त्वरित एवं वास्तविक निस्तारण को लेकर नगर निगम गुरुग्राम ने सख्त रुख अपनाया है। ई-समाधान पोर्टल पर सीवरेज से संबंधित शिकायतों को बिना वास्तविक समाधान के ‘रिजोलव्ड’ दर्शाने के मामलों में निगमायुक्त द्वारा कार्रवाई की गई है। इसी क्रम में एक मामले में जूनियर इंजीनियर अमित कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है, जबकि पालम विहार और गांव बसई से संबंधित सीवरेज शिकायतों में संबंधित जूनियर इंजीनियरों को कारण बताओ नोटिस जारी कर व्यक्तिगत सुनवाई के लिए बुलाया गया है।
जेई अमित कुमार निलंबित
नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया द्वारा जारी निलंबन आदेश के अनुसार, 2 अक्टूबर को लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह में आयोजित बैठक में सार्वजनिक शिकायतों के निस्तारण की स्थिति की समीक्षा की गई। बैठक के दौरान सतीश कुमार मिड्ढा द्वारा दर्ज ई-समाधान शिकायत संख्या 558612, जिसमें न्यू कॉलोनी क्षेत्र में सीवरेज ओवरफ्लो और दुर्गंध की शिकायत की गई थी, को समीक्षा के लिए लिया गया।
रिकॉर्ड के अनुसार उक्त शिकायत को जूनियर इंजीनियर अमित कुमार द्वारा पोर्टल पर ‘रिजोल्व्ड’ दर्शाया गया था। हालांकि, शिकायत की वास्तविक स्थिति की पुष्टि के लिए शिकायतकर्ता से संपर्क किए जाने पर उन्होंने बताया कि समस्या का समाधान नहीं हुआ था और सीवरेज ओवरफ्लो की समस्या अभी भी बनी हुई थी। निलंबन आदेश में कहा गया है कि किसी सार्वजनिक शिकायत का वास्तविक समाधान सुनिश्चित किए बिना उसे ‘रिजोल्व्ड’ दर्शाना गंभीर लापरवाही है। आदेश के अनुसार प्रथम दृष्टया यह आचरण कर्तव्य के प्रति गंभीर लापरवाही, कर्तव्य निर्वहन में कमी, आधिकारिक निर्देशों की अवहेलना तथा नगर निगम कर्मचारी के लिए अनुचित आचरण की श्रेणी में आता है।
इन परिस्थितियों को देखते हुए निगमायुक्त ने हरियाणा सिविल सर्विसेज (दंड और अपील) नियम, 2016 के तहत अमित कुमार, जूनियर इंजीनियर को अनुशासनात्मक कार्यवाही लंबित रहने तक तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उन्हें कार्यकारी अभियंता-मुख्यालय के कार्यालय में निर्धारित मुख्यालय पर उपस्थित रहने, वहां रिपोर्ट करने तथा निर्धारित नियमों के अनुसार उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। उन्हें सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी।
पालम विहार की शिकायत पर जेई आरिफ खान को कारण बताओ नोटिस
इसी समीक्षा के दौरान पालम विहार में सीवरेज ओवरफ्लो से संबंधित शिकायत का मामला भी सामने आया। नगर निगम के कारण बताओ नोटिस के अनुसार, शुभम नागिया द्वारा दर्ज ई-समाधान शिकायत संख्या 560000 को संबंधित पोर्टल पर ‘रिजोल्व्ड’ दर्शाया गया था, लेकिन शिकायत की वास्तविक स्थिति जानने के लिए शिकायतकर्ता से संपर्क करने पर उन्होंने स्पष्ट रूप से बताया कि सीवरेज ओवरफ्लो की समस्या का समाधान नहीं हुआ था और समस्या अभी भी बनी हुई थी। इस मामले में संबंधित जूनियर इंजीनियर आरिफ खान (एचकेआरएन) को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में कहा गया है कि पोर्टल पर शिकायत की स्थिति और मौके पर वास्तविक स्थिति के बीच गंभीर अंतर पाया गया है। नोटिस के माध्यम से उन्हें नोटिस जारी होने की तारीख से तीन दिनों के भीतर लिखित जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही उन्हें 5 अक्टूबर 2026 को सुबह 9 बजे निगमायुक्त के कार्यालय में व्यक्तिगत सुनवाई के लिए उपस्थित होने तथा संबंधित शिकायत से जुड़े रिकॉर्ड एवं दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया है।
गांव बसई की शिकायत में भी मांगा गया स्पष्टीकरण
निगमायुक्त ने गांव बसई एवं आसपास के क्षेत्र में सीवरेज ओवरफ्लो से संबंधित ई-समाधान शिकायत के निस्तारण को लेकर भी संबंधित अधिकारी से जवाब मांगा है। जूनियर इंजीनियर तिलक (एचकेआरएन) को जारी नोटिस में कहा गया है कि 2 अक्टूबर को पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में हुई समीक्षा बैठक के दौरान गांव बसई क्षेत्र की सीवरेज शिकायत को समीक्षा के लिए लिया गया। पोर्टल पर शिकायत को ‘रिजोल्व्ड’ दर्शाया गया था, लेकिन शिकायतकर्ता से वास्तविक स्थिति की पुष्टि किए जाने पर समस्या के जारी रहने की जानकारी सामने आई। नोटिस में संबंधित जेई से तीन दिनों के भीतर कारण बताने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही 5 अक्टूबर को सुबह 9 बजे व्यक्तिगत सुनवाई के लिए उपस्थित होकर लिखित जवाब, संबंधित रिकॉर्ड एवं दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया है।
पोर्टल पर शिकायत निस्तारण के साथ मौके पर समाधान जरूरी
इन कार्रवाइयों से नगर निगम गुरुग्राम की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि शिकायत को केवल ऑनलाइन पोर्टल पर ‘रिजोलव्ड’ दर्ज करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि मौके पर समस्या का वास्तविक समाधान सुनिश्चित करना भी आवश्यक है। सीवरेज ओवरफ्लो जैसी नागरिकों से सीधे जुड़ी समस्याओं के मामले में संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से शिकायत की वास्तविक स्थिति की जांच, आवश्यक कार्रवाई और उसके बाद ही पोर्टल पर सही स्थिति अपडेट करने की अपेक्षा की गई है।
नगर निगम की शिकायत निवारण व्यवस्था में पोर्टल पर दर्ज स्थिति और मौके की वास्तविक स्थिति के बीच अंतर पाए जाने पर जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जा रही है। जारी आदेशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि असंतोषजनक जवाब अथवा निर्धारित समय पर व्यक्तिगत सुनवाई में अनुपस्थिति की स्थिति में लागू नियमों के तहत आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।







