चंडीगढ़ , 2 अक्टूबर – हरियाणा सरकार के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग ने आज “स्टार्टअप हरियाणा सेवा संकल्प – विचार से विस्तार तक” की शुरुआत की। यह तीन महीने का राज्यव्यापी उद्यमिता कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य हरियाणा के सभी 23 जिलों में उद्यमी प्रतिभाओं को खोजना, उन्हें निखारना और आगे बढ़ाना है।
इस कार्यक्रम का शुभारंभ कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने किया।

यह कार्यक्रम व्यापक सेवा संकल्प अभियान का हिस्सा है, जो प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के जनसेवा कार्यकाल को समर्पित है। देश की सेवा के इन 25 वर्षों से प्रेरणा लेते हुए स्टार्टअप हरियाणा सेवा संकल्प नागरिकों को सर्वोपरि रखने की उसी भावना को आगे बढ़ाता है। यह हरियाणा के युवा विचार कविताओं और उद्यमियों को ऐसे समाधान तैयार करने के लिए प्रेरित करता है जो लोगों का जीवन बेहतर बनाएं, सरकारी सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाएं और विकास का लाभ समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचाएं।
इस कार्यक्रम में हरियाणा सरकार के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री अमित कुमार अग्रवाल (आईएएस), महानिदेशक डॉ. यश गर्ग (आईएएस) के अलावा राज्य सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी तथा उद्योग, स्टार्टअप, शिक्षा जगत, इन्क्यूबेटर, निवेश जगत और उद्यमियों के गणमान्य प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
“विचार से निवेशक तक” की एकीकृत यात्रा के रूप में तैयार किया गया यह कार्यक्रम जमीनी स्तर की उद्यमशीलता को जगाना चाहता है। इसके तहत एक राज्यव्यापी पाइपलाइन बनाई जाएगी, जो होनहार विचारों को खोजेगी, उद्यमिता कौशल विकसित करेगी और स्टार्टअप्स व इच्छुक उद्यमियों को मेंटरशिप, अनुदान, निवेशकों, राज्य सरकार की सहायता और स्टार्टअप हरियाणा के व्यापक इकोसिस्टम से जोड़ेगी।
तीन महीने का यह कार्यक्रम हरियाणा के सभी 23 जिलों को कवर करेगा। इसका लक्ष्य 3 लाख से अधिक इच्छुक उद्यमियों और स्टार्टअप्स को जोड़ना, 50 उच्च संभावना वाले फाइनलिस्ट तैयार करना और शीर्ष 10 को सम्मानित व पुरस्कृत करना है।
इस पहल का एक प्रमुख उद्देश्य उद्यमिता को गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे स्थापित स्टार्टअप केंद्रों से आगे ले जाना और दक्षिणी, पश्चिमी तथा हरियाणा के अन्य हिस्सों में स्टार्टअप आंदोलन को मजबूत करना है। जिला स्तर पर जागरूकता, सुनियोजित क्षमता निर्माण और मेंटर्स व निवेशकों तक पहुंच के माध्यम से कार्यक्रम राज्य में अधिक समावेशी और भौगोलिक रूप से संतुलित उद्यमिता इकोसिस्टम बनाना चाहता है।
यह कार्यक्रम तीन मुख्य स्तंभों पर आधारित है — खोजें और जोड़ें; निर्माण, मार्गदर्शन और गति; तथा प्रदर्शन, संपर्क और सम्मान। इन्हें छह चरणों की उद्यमिता यात्रा के जरिए लागू किया जाएगा:- राज्यव्यापी शुभारंभ व प्रचार, जिला आइडियाथॉन, मास्टरक्लास, मेंटरशिप व टियरिंग, मंडल स्तरीय सेमी-फाइनल और ग्रैंड फिनाले।
राज्यव्यापी शुभारंभ के बाद सभी 23 जिलों में एक दिवसीय जिला आइडियाथॉन आयोजित किए जाएंगे। इनमें इच्छुक उद्यमियों और स्टार्टअप्स को 60 सेकंड की पिच में अपने विचार प्रस्तुत करने का मंच मिलेगा। इन जिला स्तरीय आइडियाथॉन में लगभग 3,450 प्रतिभागियों के शामिल होने की उम्मीद है।
इनमें से लगभग 1,150 प्रतिभागी सात मॉड्यूल वाले मास्टरक्लास कार्यक्रम में आगे बढ़ेंगे। इसमें उद्यमिता यात्रा के अहम पहलुओं को शामिल किया गया है, जैसे फाउंडर की स्पष्टता से लेकर वित्तीय प्रबंधन तक, और अंत में मॉक पिच भी होगी।
इसके बाद लगभग 350 टीमों को एक-से-एक मेंटरशिप मिलेगी और उनके चरण व जरूरत के आधार पर उन्हें दो ट्रैक में बांटा जाएगा। ये टीमें हरियाणा के चार मंडलों में पिचथॉन में प्रतिस्पर्धा करेंगी, जिनसे शीर्ष 50 फाइनलिस्ट आगे बढ़ेंगे। पूरी प्रक्रिया इस तरह बनाई गई है कि प्रतिभागी जागरूकता, विचार निर्माण, क्षमता विकास, मेंटरशिप और प्रतियोगिता से होते हुए अंततः फंडिंग और इकोसिस्टम तक पहुंच प्राप्त करें।
चूंकि ग्रोथ-स्टेज स्टार्टअप्स और शुरुआती स्तर के जमीनी नवाचार कर्ताओं को अलग-अलग तरह की सहायता चाहिए, इसलिए कार्यक्रम का समापन दो अलग ट्रैक के साथ होगा, जिनमें प्रत्येक में 25 फाइनलिस्ट होंगे। ट्रैक 1 में पंजीकृत ग्रोथ-स्टेज स्टार्टअप्स होंगे जो निवेशक मार्ग पर हैं, जबकि ट्रैक 2 में इच्छुक उद्यमी, विद्यार्थी और जमीनी नवाचार कर्ता होंगे जो अनुदान मार्ग पर हैं।
पुरस्कार ढांचे के तहत ट्रैक 1 के शीर्ष पांच स्टार्टअप्स को क्रमशः ₹15 लाख, ₹12 लाख, ₹10 लाख, ₹7.5 लाख और ₹5 लाख के पुरस्कार मिलेंगे। ट्रैक 2 के शीर्ष पांच इच्छुक उद्यमियों को क्रमशः ₹5 लाख, ₹4 लाख, ₹3 लाख, ₹2 लाख और ₹1 लाख के पुरस्कार दिए जाएंगे।
कार्यक्रम में राज्य स्टार्टअप सीड ग्रांट के लिए सीधे विचार, साथ ही क्लाउड क्रेडिट, इन्क्यूबेशन सहायता और इंडस्ट्री कनेक्ट की भी व्यवस्था है। सभी 50 फाइनलिस्ट को प्रमाणपत्र और स्मृति चिह्न दिए जाएंगे, जबकि चयनित स्टार्टअप्स को मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी प्रस्तुति देने का अवसर मिलेगा।
शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश में दो नए इन्क्यूबेटर स्थापित करने के लिए जे.सी. बोस विश्वविद्यालय और स्टार्टअप एक्सेलरेटर चैंबर ऑफ कॉमर्स को लेटर ऑफ इंटेंट (एलओआई) सौंपे। ये इन्क्यूबेटर क्रमशः फरीदाबाद और पंचकूला में स्थापित किए जाएंगे। राज्य के स्टार्टअप और नवाचार इकोसिस्टम को और मजबूत करने के लिए दो इकोसिस्टम पार्टनर, ज़ोहो कॉर्पोरेशन प्राइवेट लिमिटेड और पेटीएम पेमेंट्स के साथ भी एलओआई पर हस्ताक्षर किए गए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा राज्य स्टार्टअप नीति, 2022 के तहत सीड फंडिंग प्राप्त करने वाले 11 स्टार्टअप्स को चेक भी वितरित किए। यह होनहार स्टार्टअप्स और उद्यमियों को वित्तीय व इकोसिस्टम सहयोग देने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
यह पहल केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि स्टार्टअप हरियाणा इकोसिस्टम में निरंतर आगे बढ़ने वाली एक कड़ी के रूप में तैयार की गई है, जिससे होनहार उद्यमी सरकारी सहायता, अनुदान, इन्क्यूबेशन, निवेशकों से संपर्क और दीर्घकालिक विकास के अवसर पा सकें। इस कार्यक्रम के माध्यम से राज्य यह सुनिश्चित करना चाहता है कि उद्यमशीलता की क्षमता की पहचान और सहयोग भौगोलिक स्थिति से परे हो, तथा हरियाणा के विश्वविद्यालयों, कॉलेजों, कस्बों और जिलों से उभरने वाले विचारों को आगे बढ़ने और विस्तार पाने का भरोसेमंद रास्ता मिले।
“आपका जिला। आपका आइडिया। आपका मंच।” के आह्वान के साथ, स्टार्टअप हरियाणा सेवा संकल्प – विचार से विस्तार तक का उद्देश्य हरियाणा के युवाओं, नवाचार कर्ताओं, स्टार्टअप्स और इच्छुक उद्यमियों को आगे लाना और विचारों को बड़े उद्यमों में बदलने का सुव्यवस्थित रास्ता देना है, साथ ही राज्य के नवाचार और उद्यमिता इकोसिस्टम को और सशक्त बनाना है।







