गुरुग्राम है एक ग्लोबल सिटी, उसी के अनुरूप हो इंफ्रास्ट्रक्चर- सीएम

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

सीएम सैनी ने गुरुग्राम में विकास कार्यों की समीक्षा की, बोले- गुणवत्ता से समझौता नहीं

गुरुग्राम, 2 अक्टूबर। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि गुरुग्राम एक ग्लोबल सिटी है, इसलिए यहाँ इंफ्रास्ट्रक्चर भी उसी के अनुरूप विकसित होना चाहिए । उन्होंने विकास कार्यों से जुड़े विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को गुरुग्राम में सड़क, पानी, सीवर, स्वच्छता, ड्रेनेज और अन्य नागरिक सुविधाओं का स्तर अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने गुरुवार को गुरुग्राम के लोक निर्माण विश्राम गृह में विभिन्न विभागों के प्रमुख विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम की पहचान देश-विदेश में ग्लोबल सिटी के रूप में बनी है, इसलिए यहां का इंफ्रास्ट्रक्चर भी उसी स्तर का होना चाहिए।

समीक्षा के दौरान, गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री पीसी मीणा ने साउदर्न पेरिफेरल रोड (एसपीआर ) के अपग्रेडेशन की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि परियोजना के तहत फेज-1 में वाटिका चौक से एनएच -48 तक 4.2 किमी लंबा 8 लेन सिग्नल-फ्री एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा। इसके साथ सर्विस रोड और प्रमुख जंक्शनों पर रैंप होंगे। फेज-2 में वाटिका चौक पर ग्रेड सेपरेटेड इंटरचेंज और फेज-3 में वाटिका चौक से घाटा तक 8.5 किमी एलिवेटेड कॉरिडोर प्रस्तावित है। दोनों फेज की डीपीआर तैयार की जा रही है।

वहीं, जीएमडीए द्वारा हीरो होंडा चौक से उमंग भारद्वाज चौक तक 2.26 किमी लंबा 6 लेन एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा । परियोजना को शुरू होने के बाद 24 माह में पूरा करने का लक्ष्य है। उपयोगिताओं की शिफ्टिंग एनएचएआई कर रहा है । तीनों परियोजनाओं के पूरा होने से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और फरीदाबाद रोड़ से द्वारका एक्सप्रेसवे तक सिग्नल-फ्री कनेक्टिविटी मिलेगी।

श्री मीणा ने बताया कि शीतला माता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के सिविल कार्य इस वर्ष दिसंबर तक पूरा करने और इसे जल्द जनता के लिए शुरू करने की कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए।

सीएम श्री सैनी ने ड्रेनेज नेटवर्क मजबूत करने के साथ रेन वाटर हार्वेस्टिंग, बड़े तालाब और ग्रीन बेल्ट में जल निकासी की व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर दिया, ताकि जलभराव कम हो और बारिश के पानी का रिचार्ज बढ़ाया जा सके।

Bharat Sarathi
Author: Bharat Sarathi

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!