किसानों को ₹2900 प्रति क्विंटल एमएसपी देने और फसल नुकसान की तत्काल विशेष गिरदावरी कराने की मांग
रेवाड़ी, 9 सितंबर। स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से अहीरवाल सहित दक्षिणी हरियाणा में बाजरे की सरकारी खरीद 20 सितंबर से शुरू करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि किसानों से बाजरा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य 2900 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जाए।
विद्रोही ने कहा कि दक्षिणी हरियाणा की मंडियों में बाजरे की आवक शुरू हो चुकी है। फसल की मौजूदा स्थिति को देखते हुए 15 सितंबर के आसपास अहीरवाल क्षेत्र में लगभग 40 प्रतिशत बाजरे की कटाई शुरू होने का अनुमान है। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के कारण किसान फसल काटते ही बाजरा निकालकर मंडियों में बेचना चाहेंगे। ऐसे में 20 सितंबर तक मंडियों में बाजरे की आवक तेजी से बढ़ना तय है।
उन्होंने कहा कि सरकारी खरीद समय पर शुरू नहीं हुई तो किसानों को मजबूरी में अपना बाजरा औने-पौने दामों पर निजी व्यापारियों को बेचना पड़ सकता है। इसे रोकने के लिए सरकार अगले दस दिनों में खरीद केंद्रों, बारदाने, उठान और भुगतान सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करे।
नुकसान की तत्काल हो विशेष गिरदावरी
विद्रोही ने मुख्यमंत्री से कम वर्षा, ओलावृष्टि और असमय बारिश के कारण बाजरे की फसल को हुए नुकसान की तत्काल विशेष गिरदावरी करवाने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि इससे प्रभावित किसानों को फसल बीमा योजना के तहत उचित मुआवजा मिल सकेगा।
उन्होंने चेताया कि फसल नुकसान के आकलन में जरा-सी देरी भी किसानों पर भारी पड़ेगी। अहीरवाल क्षेत्र में 25 सितंबर तक बाजरे की अधिकांश फसल कटने की संभावना है। इसके बाद की गई विशेष गिरदावरी से वास्तविक नुकसान का निष्पक्ष आकलन करना कठिन होगा।







