वार्ड-35 के विकास कार्यों पर उठे सवाल, जांच की मांग

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आरडब्ल्यूए का आरोप—कार्यों की जानकारी नहीं दी जा रही; टेंडर, भुगतान और गुणवत्ता का ब्योरा सार्वजनिक करे निगम

गुरुग्राम। वार्ड संख्या-35, विशेषकर सेक्टर-5 में कराए जा रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता, समानता और पारदर्शिता को लेकर स्थानीय निवासियों तथा आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया से वार्ड में हुए विकास कार्यों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

सेक्टर-3, 5 और 6 आरडब्ल्यूए के पूर्व अध्यक्ष दिनेश वशिष्ठ ने आरोप लगाया कि नालियों पर जालियां लगाने और सफाई जैसे कार्यों के फोटो सोशल मीडिया पर साझा किए जाते हैं, लेकिन पूरे क्षेत्र में समान रूप से काम कराने की मांग पर संतोषजनक जवाब नहीं मिलता। उन्होंने पार्षद परमिंदर कटारिया के एक सहयोगी जुगल रैना पर विकास कार्यों में हस्तक्षेप करने और कथित अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए। इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी है।

वशिष्ठ के अनुसार, रेजिडेंट्स से कथित तौर पर कहा गया कि “जो इज्जत देगा, वहां कार्य होंगे।” उन्होंने कहा कि यदि वास्तव में ऐसा कहा गया है तो यह गंभीर चिंता का विषय है। विकास कार्य व्यक्तिगत संबंधों के आधार पर नहीं, बल्कि जनहित, आवश्यकता और निर्धारित प्राथमिकताओं के अनुसार होने चाहिए।

उन्होंने मांग की कि वार्ड में पिछले कुछ समय के दौरान कराए गए कार्यों की स्वीकृति, अनुमानित लागत, टेंडर प्रक्रिया, भुगतान और गुणवत्ता की जांच कराई जाए। संबंधित आरडब्ल्यूए को भी इन कार्यों की पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

सेक्टर-3 5 और 6 आरडब्ल्यूए अध्यक्ष तिलक राज अदलखा ने कहा कि आरडब्ल्यूए को प्रस्तावित तथा चल रहे विकास कार्यों की पर्याप्त जानकारी नहीं दी जाती। उन्होंने आरोप लगाया कि निगम अधिकारी भी आरडब्ल्यूए की समस्याओं और सुझावों को अपेक्षित गंभीरता से नहीं लेते। जनता के पैसे से होने वाले कार्यों का विवरण स्थानीय निवासियों से छिपाया नहीं जाना चाहिए।

आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों ने प्रत्येक कार्य की टेंडर राशि, कार्यस्थल, संबंधित एजेंसी, समय-सीमा और भुगतान की स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने कार्य पूरा होने के बाद उसकी गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच कराने पर भी जोर दिया।

रेजिडेंट्स का कहना है कि विकास कार्यों का उद्देश्य सोशल मीडिया प्रचार नहीं, बल्कि जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना होना चाहिए। वार्ड के सभी क्षेत्रों में आवश्यकता और प्राथमिकता के आधार पर समान रूप से काम कराया जाए।

आरडब्ल्यूए ने गुरुग्राम विधायक मुकेश शर्मा से भी हस्तक्षेप की मांग की है। पदाधिकारियों ने कहा कि विधायक निगम अधिकारियों को जनहित और समानता के आधार पर काम करने तथा आरडब्ल्यूए और निवासियों को विकास कार्यों की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिलाएं। साथ ही, शिकायतों की निष्पक्ष जांच और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाए।

आरडब्ल्यूए ने स्पष्ट किया कि उसका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का विरोध करना नहीं, बल्कि सार्वजनिक धन से होने वाले विकास कार्यों में पारदर्शिता, समानता और जवाबदेही सुनिश्चित कराना है।

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Author: Bharat Sarathi

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