मानेसर में विद्युत वाहन कलपुर्जों पर आयोजित विक्रेता विकास कार्यक्रम में बीआईएस हरियाणा शाखा कार्यालय की सहभागिता

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*भारतीय मानकों, प्रमाणन एवं गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों को लेकर एमएसएमई और उद्योग प्रतिनिधियों को दी जानकारी*

*66 प्रदर्शनी स्टॉल पर एक हजार से अधिक आगंतुकों ने लिया हिस्सा*

गुरुग्राम, 2 सितंबर। भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस), हरियाणा शाखा कार्यालय ने सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम विकास कार्यालय (एमएसएमई-डीएफओ) करनाल द्वारा आईसीएटी कन्वेंशन सेंटर-2, मानेसर, गुरुग्राम में आयोजित विद्युत वाहन कलपुर्जों पर विक्रेता विकास कार्यक्रम में सहभागिता की। दो दिवसीय कार्यक्रम में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों, वाहन उद्योग, विद्युत वाहन क्षेत्र, तकनीकी एवं शैक्षणिक संस्थानों, नवोदित उद्यमों तथा विभिन्न सरकारी विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्युत वाहन कलपुर्जा क्षेत्र से जुड़े हितधारकों को व्यावसायिक अवसरों, तकनीकी आवश्यकताओं, सरकारी योजनाओं, परीक्षण, प्रमाणन तथा नियामक विषयों से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराना रहा।

*बीआईएस स्टॉल बना आकर्षण का केंद्र*

कार्यक्रम स्थल पर बीआईएस हरियाणा शाखा कार्यालय ने बीआईएस फरीदाबाद शाखा कार्यालय के सहयोग से स्टॉल स्थापित किया। स्टॉल पर विद्युत वाहनों से संबंधित प्रासंगिक भारतीय मानक, शोध प्रकाशन एवं अध्ययन सामग्री प्रदर्शित की गई। इसमें भारत की राष्ट्रीय विद्युत संहिता तथा ‘विद्युत वाहन चार्जिंग अवसंरचना एवं मानक : एक अवलोकन’ नामक बीआईएस प्रकाशन भी शामिल रहा।

विभिन्न उद्योगों एवं संगठनों के प्रतिनिधियों ने स्टॉल का दौरा कर बीआईएस अधिकारियों से संवाद किया तथा अपने उत्पादों एवं कार्यों पर लागू भारतीय मानकों, प्रमाणन और अनुपालन आवश्यकताओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की।

एमएसएमई-डीएफओ, करनाल के अपर विकास आयुक्त संजीव चावला ने भी अपने सहयोगियों एवं सहकर्मियों के साथ बीआईएस स्टॉल का दौरा किया। इस दौरान विशेष रूप से उभरते विद्युत वाहन कलपुर्जा क्षेत्र में कार्यरत एमएसएमई की गुणवत्ता, प्रतिस्पर्धात्मकता तथा बाजार में स्वीकार्यता बढ़ाने में मानकों एवं अनुरूपता मूल्यांकन की भूमिका पर चर्चा हुई।

सत्र में एमएसएमई एवं अन्य हितधारकों को विद्युत वाहन क्षेत्र से संबंधित उत्पादों के लिए लागू भारतीय मानकों, अनिवार्य प्रमाणन आवश्यकताओं तथा गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों से जुड़े नवीनतम विकास की जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को विद्युत वाहन कलपुर्जों एवं संबंधित उत्पादों पर लागू मानकों और प्रमाणन आवश्यकताओं से जुड़े प्रश्नों एवं शंकाओं के समाधान का अवसर भी मिला।

‘हरियाणा में विद्युत वाहन पारिस्थितिकी तंत्र की सुविधा’ विषय पर आयोजित सत्र में हरियाणा अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण/नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग, हरियाणा सरकार के परियोजना अधिकारी सुख चैन सिंह ने जीवन एवं उद्योग के विभिन्न क्षेत्रों में भारतीय मानकों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मानकों को किसी बाधा अथवा समस्या के रूप में नहीं, बल्कि गुणवत्ता, सुरक्षा एवं विश्वसनीयता में सुधार के साधन के रूप में देखा जाना चाहिए।

कार्यक्रम में विक्रेता विकास, निवेश एवं संयुक्त उपक्रम के अवसर, ऊर्जा दक्षता, विद्युत वाहनों के परीक्षण की आवश्यकताओं तथा एमएसएमई के लिए उपलब्ध योजनाओं सहित विद्युत वाहन पारिस्थितिकी तंत्र के विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा की गई।

*दूसरे दिन उद्योग, नवोदित उद्यमों एवं तकनीकी संस्थानों से संवाद*

कार्यक्रम के दूसरे दिन 2 सितंबर को विद्युत वाहन क्षेत्र से जुड़े विभिन्न हितधारकों के साथ व्यापक संवाद किया गया। इनमें शैक्षणिक एवं तकनीकी संस्थानों, नवोदित उद्यमों, विनिर्माताओं तथा विभिन्न सरकारी विभागों के प्रतिनिधि शामिल रहे।
बीआईएस स्टॉल पर आगंतुकों ने बीआईएस प्रमाणन, लागू भारतीय मानकों, प्रमाणन प्राप्त करने की प्रक्रिया तथा विभिन्न विद्युत वाहन उत्पादों के लिए अनुरूपता मूल्यांकन संबंधी आवश्यकताओं की जानकारी प्राप्त की। बीआईएस अधिकारियों ने हितधारकों की आवश्यकताओं एवं प्रश्नों को समझते हुए मानकों तथा प्रमाणन से जुड़े विषयों पर आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।

प्रतिभागियों ने बीआईएस प्रमाणित उत्पादों में बाद में गुणवत्ता अथवा कार्य-निष्पादन संबंधी समस्या पाए जाने की स्थिति में उपभोक्ता शिकायतों और उनकी रिपोर्टिंग प्रक्रिया से जुड़े व्यावहारिक प्रश्न भी उठाए। बीआईएस अधिकारियों ने ऐसी शिकायतों की रिपोर्टिंग तथा उचित समाधान के लिए उपलब्ध माध्यमों के बारे में जानकारी दी।

*66 प्रदर्शनी स्टॉल, एक हजार से अधिक आगंतुक*

कार्यक्रम के प्रदर्शनी भाग में लगभग 66 स्टॉल लगाए गए, जिनमें विद्युत वाहन एवं वाहन उद्योग पारिस्थितिकी तंत्र से संबंधित उत्पादों, प्रौद्योगिकियों, सेवाओं एवं विभिन्न पहलों को प्रदर्शित किया गया। प्रदर्शनी में एक हजार से अधिक आगंतुक पहुंचे। इनमें उद्योग प्रतिनिधि, एमएसएमई, नवोदित उद्यम, तकनीकी एवं शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधि, सरकारी अधिकारी तथा अन्य हितधारक शामिल रहे।

*विद्युत वाहन क्षेत्र में मानक जागरूकता को मिला बढ़ावा*

दो दिवसीय विक्रेता विकास कार्यक्रम बीआईएस हरियाणा शाखा कार्यालय के लिए विद्युत वाहन पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़े विभिन्न हितधारकों के साथ प्रत्यक्ष संवाद का महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ। कार्यक्रम के माध्यम से भारतीय मानकों, अनुरूपता मूल्यांकन, प्रमाणन आवश्यकताओं, गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों तथा उपभोक्ता शिकायतों से संबंधित प्रक्रियाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने का अवसर मिला।

बीआईएस हरियाणा शाखा कार्यालय ने कार्यक्रम में सहभागिता के माध्यम से एमएसएमई एवं विद्युत वाहन क्षेत्र से जुड़े हितधारकों के बीच मानक जागरूकता, गुणवत्ता के प्रति सजगता तथा नियामक अनुपालन को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही, कार्यक्रम से बीआईएस और एमएसएमई-डीएफओ, करनाल के बीच सहयोग को भी मजबूती मिली तथा उद्योगों को प्रासंगिक भारतीय मानकों को अपनाने और लागू वैधानिक एवं प्रमाणन आवश्यकताओं को पूरा करने की दिशा में मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।

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Author: Bharat Sarathi

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