कुरुक्षेत्र में गूंजी हरियाणवी संस्कृति की तान, 27 बीन दलों ने दिखाया हुनर

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राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में बीन, तुम्बा, ढोल और बांसुरी की स्वर लहरियों ने मोहा मन

थानेसर, 2 सितम्बर (संजीव कुमारी)। हरियाणा की समृद्ध लोक कला और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग हरियाणा ने कुरुक्षेत्र के कला कीर्ति भवन में राज्य स्तरीय बीन प्रतियोगिता का आयोजन किया। इसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए 27 बीन-सपेरा दलों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के दिशा-निर्देशों के तहत आयोजित प्रतियोगिता में पारंपरिक हरियाणवी वेशभूषा में सजे कलाकारों ने बीन, तुम्बा, ढोल और बांसुरी पर लोक संगीत की स्वर लहरियां बिखेरीं। कलाकारों की प्रस्तुतियों पर पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा।

प्रतियोगिता का शुभारंभ हरियाणा कला परिषद के उपाध्यक्ष महेश जोशी, विभाग के उपनिदेशक डॉ. पवन आर्य, कला एवं सांस्कृतिक अधिकारी (संगीत) डॉ. दीपिका रानी और कला एवं सांस्कृतिक अधिकारी (चित्रकला) रेनू हुड्डा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले दल के लिए 75 हजार रुपये, द्वितीय के लिए 60 हजार रुपये और तृतीय स्थान के लिए 50 हजार रुपये का पुरस्कार निर्धारित किया गया। इसके अतिरिक्त पांच दलों को 10-10 हजार रुपये के सांत्वना पुरस्कार दिए जाने हैं।

सभी 27 दलों की प्रस्तुतियों का मूल्यांकन सुप्रसिद्ध लोक कलाकार पद्मश्री महाबीर गुड्डू, डॉ. कैलाश वर्मा और मजीद खान ने किया। विभागीय नियमों के अनुसार प्रत्येक दल में आठ से दस कलाकार शामिल थे।

आयोजन विभाग के आयुक्त एवं सचिव केएम पांडुरंग, निदेशक आदित्य दहिया और अतिरिक्त निदेशक विवेक कालिया के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से साबित किया कि आधुनिकता के दौर में भी हरियाणा की पारंपरिक लोक कलाएं जीवंत और बेजोड़ हैं।

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Author: Bharat Sarathi

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