विनोद बापना की पहल को प्रमुख औद्योगिक समूहों का समर्थन, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के समक्ष उठाया जाएगा मुद्दा
गुरुग्राम (जतिन/राजा)। प्रोफेशनल नेटवर्क ग्रुप ऑफ इंडिया (पीएनजीआई) ने औद्योगिक इकाइयों के अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रतिदिन टोल शुल्क के रूप में उठाना पड़ रहा आर्थिक बोझ कम करने की मांग की है। संगठन ने केएमपी टोल प्लाजा पर पात्र औद्योगिक कर्मचारियों के लिए मासिक, त्रैमासिक और वार्षिक टोल पास की व्यवस्था लागू करने का आग्रह किया है।
पीएनजीआई के चेयरमैन तथा कैपारो मारुति लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनोद के. बापना ने इस संबंध में हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं आधारभूत संरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) के प्रबंध निदेशक को पत्र लिखा है। पत्र की प्रति हरियाणा के मुख्यमंत्री और एचएसआईआईडीसी के मानेसर महाप्रबंधक को भी भेजी गई है।
प्लांटों के बीच नियमित आवाजाही बनी समस्या
संगठन के अनुसार मानेसर, फरीदाबाद, खरखौदा और सोनीपत सहित विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों को आधिकारिक कार्यों के लिए नियमित रूप से अपने प्लांटों और समूह की दूसरी इकाइयों के बीच आना-जाना पड़ता है। प्रत्येक यात्रा पर टोल चुकाने से कर्मचारियों और संबंधित कंपनियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
कर्मचारियों को संयंत्र संचालन, व्यावसायिक गतिविधियों और अलग-अलग इकाइयों के बीच समन्वय के लिए कई बार यात्रा करनी पड़ती है। इसलिए पात्र कर्मचारियों को रियायती अथवा विशेष अवधि वाले टोल पास उपलब्ध कराने की आवश्यकता है।
प्रमुख कंपनियों ने किया समर्थन
पीएनजीआई की इस मांग को कई प्रमुख औद्योगिक समूहों का समर्थन मिला है। इनमें मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड, एसकेएच ग्रुप ऑफ कंपनीज, कृष्णा मारुति, कैपारो मारुति, सोना कॉमस्टार और जेबीएम शामिल हैं।
संगठन ने मांग की है कि लागू नियमों के अनुरूप इन उद्योगों के पात्र कर्मचारियों के लिए टोल पास जारी करने के निर्देश दिए जाएं। इससे कर्मचारियों की आवाजाही आसान होने के साथ औद्योगिक गतिविधियों की कार्यक्षमता और आपसी समन्वय भी बेहतर होगा।
खरखौदा प्लांट से बढ़ी आवाजाही
खरखौदा में मारुति सुजुकी के बड़े संयंत्र की स्थापना के बाद आसपास के क्षेत्रों में ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट उद्योगों का तेजी से विस्तार हुआ है। अनेक सहायक और वेंडर कंपनियों ने भी खरखौदा तथा आसपास अपनी इकाइयां स्थापित की हैं। इसके कारण केएमपी एक्सप्रेसवे पर मानेसर, गुरुग्राम, खरखौदा और सोनीपत के बीच औद्योगिक कर्मचारियों एवं अधिकारियों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री के समक्ष रखेंगे मामला
विनोद बापना ने कहा, “उद्योगों के सुचारु संचालन के लिए कर्मचारियों की निर्बाध आवाजाही आवश्यक है। आधिकारिक कार्यों के दौरान प्रतिदिन कई बार टोल चुकाना कर्मचारियों और कंपनियों, दोनों के लिए व्यावहारिक समस्या बन गया है।”
उन्होंने बताया कि प्रमुख औद्योगिक संगठनों के सहयोग से यह मुद्दा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के आगामी गुरुग्राम दौरे के दौरान प्राथमिकता से उठाया जाएगा। सरकार और संबंधित विभागों के साथ बातचीत कर इसका स्थायी एवं व्यावहारिक समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।







