रेवाड़ी में जगह-जगह लगे कचरे के ढेर, दुर्गंध से आमजन परेशान
रेवाड़ी, 1 सितम्बर। स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से सफाई कर्मचारियों के साथ 13 मई 2026 को हुए समझौते को तत्काल लागू करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों की मांगों का समाधान कर हड़ताल समाप्त करवाए, ताकि प्रदेशवासियों को गंदगी, दुर्गंध और कचरे के ढेरों से राहत मिल सके।
विद्रोही ने कहा कि हड़ताल के कारण रेवाड़ी की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। शहर की गलियों और मोहल्लों में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं। घरों से कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों के कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल हो गए हैं, जिससे स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है।
उन्होंने सवाल किया कि सफाई कर्मचारियों से सरकार की कथित वादाखिलाफी की कीमत आम नागरिक क्यों चुकाएं? यदि सरकार को समझौते के लगभग चार महीने बाद भी कर्मचारियों की मांगें नहीं माननी थीं तो फिर 13 मई को समझौता क्यों किया गया?
विद्रोही ने आरोप लगाया कि सरकार आंदोलनों को समाप्त करवाने के लिए मांगें स्वीकार करने की घोषणा कर देती है, लेकिन आंदोलन खत्म होते ही अपने वादों से पीछे हट जाती है। इससे समाज में रोष और अव्यवस्था फैलती है तथा सरकार की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े होते हैं।
उन्होंने कहा कि लगभग एक सप्ताह पहले मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम में सफाई कर्मचारियों की मांगों का समाधान होने और हड़ताल जल्द समाप्त होने की बात कही थी। इसके बाद मंत्री कृष्ण बेदी ने भी एक मांग को छोड़कर शेष सभी मांगों पर सरकार की सैद्धांतिक सहमति होने का दावा किया था।
विद्रोही ने कहा कि जब सरकार अधिकांश मांगों पर सहमत है तो हड़ताल समाप्त करवाने में देरी क्यों की जा रही है? उन्होंने मुख्यमंत्री से जनहित में कर्मचारियों की मांगें स्वीकार कर हड़ताल समाप्त करवाने की अपील की, ताकि प्रदेश के शहरी क्षेत्रों को गंदगी, दुर्गंध और कचरे से मुक्ति मिल सके।






