न सड़कें सलामत, न रेन वाटर हार्वेस्टिंग और सीवर सिस्टम चालू; प्रशासनिक अनदेखी से परेशान लोग : धर्मसागर

गुरुग्राम। कभी शहर का गौरव और पॉश इलाका कहलाने वाला गुरुग्राम का सबसे पुराना सेक्टर-4 आज बुनियादी सुविधाओं के अभाव में बदहाली का शिकार है। टूटी सड़कों, जलभराव, सीवर ओवरफ्लो और गंदगी के कारण स्थानीय निवासियों का जीना मुश्किल हो गया है। वहीं, क्षेत्र की ग्रीन बेल्ट भी कूड़े के ढेर में तब्दील होती जा रही है।
ऊर्वा के संरक्षक धर्मसागर ने बताया कि सेक्टर-4 में अर्जुन पार्क वाली सड़क और मकान नंबर-99 के सामने लंबे समय से गंदा पानी जमा है। नाले का दूषित पानी सड़क पर बहने के कारण लोगों को आवाजाही में भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। बार-बार शिकायत करने के बावजूद नगर निगम और संबंधित विभाग समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
डेंगू-मलेरिया फैलने का खतरा

धर्मसागर ने कहा कि सड़क पर जमा दूषित पानी मच्छरों का प्रजनन स्थल बनता जा रहा है। इससे डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों के फैलने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। नगर निगम को तुरंत एंटी-लार्वा दवा का छिड़काव और फॉगिंग करवानी चाहिए। उन्होंने लोगों से सुरक्षा की दृष्टि से फिलहाल इस मार्ग का उपयोग करने से बचने की अपील की।
ग्रीन बेल्ट में कूड़ा, बस शेल्टर के पास मवेशी

उन्होंने कहा कि क्षेत्र की ग्रीन बेल्ट अब ‘गारबेज बेल्ट’ बन चुकी है। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं और बस क्यू शेल्टर के आसपास बेसहारा मवेशियों का जमावड़ा रहता है। सेक्टर की आंतरिक और मुख्य सड़कों पर जानलेवा गड्ढे बने हुए हैं, जिनके कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।
घरों के बाहर भर रहा सीवर का पानी
धर्मसागर के अनुसार, सेक्टर में स्थापित रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम ठप पड़ा है और सीवर व्यवस्था भी सुचारु रूप से काम नहीं कर रही। बारिश के दौरान सीवर का दूषित पानी घरों के बाहर तक भर जाता है। लगातार जलभराव और गंदे पानी के कारण क्षेत्र में लगे पेड़ भी सूखने लगे हैं।
उन्होंने कहा कि सेक्टर-4 को एक आदर्श सेक्टर के रूप में संरक्षित और विकसित किया जाना चाहिए था, लेकिन प्रशासनिक लापरवाही के कारण यहां की व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं। हुडा मार्केट में भी चारों ओर अव्यवस्था फैली हुई है।
धर्मसागर ने नगर निगम और संबंधित विभागों के अधिकारियों से मौके का निरीक्षण करने तथा सड़क, सीवर, जलभराव, सफाई और रेन वाटर हार्वेस्टिंग से जुड़ी समस्याओं का तत्काल स्थायी समाधान करवाने की मांग की है।








