सेक्टर-33 पावर हाउस का ट्रांसफॉर्मर खराब, सेक्टर-33, 34 और 37 में उत्पादन प्रभावित
कटौती की पूर्व सूचना नहीं मिलने से मशीनों, उत्पादन और ऑर्डर डिलीवरी पर पड़ रहा असर

गुरुग्राम। सेक्टर-33 स्थित 220 केवी पावर हाउस का एक ट्रांसफॉर्मर खराब होने के कारण सेक्टर-33, 34 और 37 के औद्योगिक क्षेत्रों में पिछले तीन दिनों से बिजली आपूर्ति प्रभावित है। दिन में दो से तीन बार करीब एक-एक घंटे की बिजली कटौती होने से फैक्ट्रियों का उत्पादन प्रभावित हो रहा है। मशीनों के संचालन और ऑर्डर की समय पर डिलीवरी पर भी इसका असर पड़ रहा है।

प्रोग्रेसिव फेडरेशन ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री के चेयरमैन दीपक मैनी ने स्थिति को गंभीर बताते हुए बिजली निगमों से तत्काल समाधान की मांग की है। उन्होंने कहा कि हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड (एचवीपीएनएल) के सेक्टर-33 पावर हाउस का ट्रांसफॉर्मर खराब है, जबकि बिजली आपूर्ति की जिम्मेदारी दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) की है। दोनों निगमों के बीच तालमेल की कमी का खामियाजा उद्यमियों को भुगतना पड़ रहा है।
कटौती की नहीं दी जाती पूर्व सूचना
दीपक मैनी ने कहा कि पिछले तीन दिनों से औद्योगिक क्षेत्रों में बार-बार बिजली जा रही है, लेकिन कटौती कब होगी और कितनी देर चलेगी, इसकी कोई पूर्व सूचना नहीं दी जाती। अचानक बिजली जाने से मशीनों पर चल रहा उत्पादन बीच में रुक जाता है। मशीनों को दोबारा शुरू करने में समय लगता है तथा टूलिंग और अन्य उपकरणों को नुकसान पहुंचने का खतरा भी बना रहता है।
उन्होंने कहा कि अघोषित कटौती से उद्योगों को उत्पादन का नुकसान उठाना पड़ रहा है और ऑर्डर समय पर पूरा करने में परेशानी आ रही है। यदि बिजली कटौती की जानकारी पहले दे दी जाए तो उद्यमी अपने उत्पादन कार्यक्रम को उसके अनुसार व्यवस्थित कर सकते हैं।
बिल समय पर तो सूचना क्यों नहीं?
मैनी ने कहा कि उद्योगों से बिजली बिल का पूरा भुगतान समय पर लिया जाता है। ऐसे में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा संभावित कटौती की समय रहते जानकारी देने की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए। बिजली जाने के बाद या कटौती से ठीक पहले संदेश भेजने से उद्यमियों को मशीनों और उत्पादन प्रक्रिया को सुरक्षित करने का पर्याप्त समय नहीं मिलता।
वैकल्पिक बिजली व्यवस्था की मांग
दीपक मैनी ने कहा कि गुरुग्राम देश का प्रमुख औद्योगिक और कॉरपोरेट केंद्र है। यहां लंबे समय तक ऐसी स्थिति बने रहना बेहद चिंताजनक है। एचवीपीएनएल और डीएचबीवीएन को आपसी तालमेल से खराब ट्रांसफॉर्मर की तत्काल मरम्मत करानी चाहिए।
उन्होंने मांग की कि मरम्मत का काम पूरा होने तक औद्योगिक क्षेत्रों के लिए वैकल्पिक बिजली आपूर्ति की व्यवस्था की जाए। इसके साथ ही किसी भी प्रस्तावित पावर कट की सूचना उद्योगों को पर्याप्त समय पहले देना अनिवार्य किया जाए।








