मतदाता सूची में नाम का सत्यापन कर आवश्यक दस्तावेजों सहित संबंधित बीएलओ को सौंपें गणना प्रपत्र
ऑनलाइन भी उपलब्ध हैं 2002 की मतदाता सूची और वर्तमान मतदाता सूची में नाम खोजने की सुविधा
गुरुग्राम, 10 जुलाई। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी उत्तम सिंह ने गुरुग्राम जिले के सभी पात्र मतदाताओं से अपील की है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के समापन में अब केवल चार दिन शेष हैं। ऐसे में जिन मतदाताओं ने अभी तक अपना गणना प्रपत्र जमा नहीं किया है, वे बिना देरी किए इसे भरकर अपने संबंधित बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) के पास जमा करवाएं।
डीसी ने कहा कि समय पर गणना प्रपत्र जमा करने से मतदाता के निर्वाचन रिकॉर्ड का सत्यापन सुगमता से हो सकेगा तथा भविष्य में किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सकेगा। सभी पात्र मतदाता अपने वर्तमान मतदाता विवरण तथा आवश्यकता होने पर वर्ष 2002 की निर्वाचक नामावली अथवा संबंधित परिजन के विवरण के आधार पर निर्धारित जानकारी अवश्य उपलब्ध कराएं।
डीसी उत्तम सिंह ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाताओं की सुविधा के लिए ऑनलाइन सर्च करने की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई गई है। मतदाता वर्ष 2002 की विशेष गहन पुनरीक्षण सूची में अपना नाम निम्न लिंक
https://voters.eci.gov.in/searchInSIR/S2UA4DPDF-JK4QWODSE पर जाकर देख सकते हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान मतदाता सूची में अपना नाम, ईपीआईसी नंबर अथवा अन्य विवरण के माध्यम से भी खोजा जा सकता है। इसी पोर्टल पर “Know Your Polling Officials” विकल्प के माध्यम से संबंधित बीएलओ की जानकारी भी प्राप्त की जा सकती है।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि सभी पात्र मतदाता अभियान की अंतिम तिथि का इंतजार न करें और शीघ्र अपने गणना प्रपत्र भरकर संबंधित बीएलओ को उपलब्ध कराएं, ताकि गुरुग्राम जिले की निर्वाचक नामावली को त्रुटिरहित एवं नवीनतम बनाया जा सके।
विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में बीएलओ को पूरा सहयोग दें राजनीतिक दल : डीसी
डीसी उत्तम सिंह ने भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों का हवाला देते हुए सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे अपने-अपने बूथ लेवल एजेंट (बीएलए-1 एवं बीएलए-2) को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 अभियान के दौरान बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के साथ सक्रिय समन्वय एवं सहयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दें। उन्होंने कहा कि बीएलओ और बीएलए के बेहतर तालमेल से मतदाता सूची का पुनरीक्षण कार्य पारदर्शी, त्रुटिरहित एवं समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सकेगा, जिससे प्रत्येक पात्र मतदाता तक पहुंच सुनिश्चित होगी और लोकतांत्रिक प्रक्रिया और अधिक सुदृढ़ बनेगी।









