औद्योगिक क्षेत्रों में सीवर जाम, टूटी सड़कें और अधूरे निर्माण कार्य से उद्योग प्रभावित; मानसून से पहले समाधान की मांग

गुरुग्राम। कांग्रेस के जिला अध्यक्ष (शहरी) पंकज डावर ने गुरुग्राम के औद्योगिक क्षेत्रों की बदहाल स्थिति को लेकर प्रदेश सरकार और प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार उद्योगों में निवेश बढ़ाने और निवेशकों के हितों की रक्षा के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर गुरुग्राम के औद्योगिक क्षेत्रों की जमीनी स्थिति बेहद खराब है।

पंकज डावर ने कहा कि शहर के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में सीवर जाम, टूटी सड़कें, जलभराव और चारों ओर फैली गंदगी के कारण उद्यमियों और श्रमिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि कई उद्यमी मजबूरी में पलायन करने पर विचार कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान स्थिति और भयावह हो जाती है। मामूली बारिश में ही औद्योगिक क्षेत्रों की सड़कें पानी से लबालब भर जाती हैं और बारिश का पानी फैक्ट्रियों के भीतर तक पहुंच जाता है। इससे महंगी मशीनें खराब हो रही हैं और उद्योगपतियों को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है।

पंकज डावर ने आरोप लगाया कि पूरे क्षेत्र का ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह फेल हो चुका है। मानसून सिर पर होने के बावजूद अब तक सीवरों की सफाई तक नहीं कराई गई है। जलभराव के कारण पैदल चलना मुश्किल हो जाता है, जबकि दोपहिया और चारपहिया वाहन बीच रास्ते में बंद होकर घंटों लंबा जाम लगने का कारण बनते हैं।
उन्होंने कहा कि पिछले करीब सात महीनों से आईडीसी क्षेत्र में सड़क निर्माण के नाम पर जगह-जगह खुदाई कर कार्य अधूरा छोड़ दिया गया है। अधूरे निर्माण कार्य, उड़ती धूल और मलबे के कारण औद्योगिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं।
पंकज डावर ने प्रशासन से मांग की कि मानसून आने से पहले औद्योगिक क्षेत्रों की सड़कें, सीवर और जल निकासी व्यवस्था को युद्धस्तर पर दुरुस्त किया जाए, ताकि उद्योगों को होने वाले नुकसान और श्रमिकों की परेशानियों से राहत मिल सके।








