अहीरवाल-दक्षिणी हरियाणा में पेयजल संकट गहराने का आरोप, सूखे जोहड़ों-तालाबों से पशु-पक्षी भी परेशान
चंडीगढ़/रेवाडी, 1 जून 2026। स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने आरोप लगाया है कि अहीरवाल क्षेत्र सहित हरियाणा के कई हिस्से भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट से जूझ रहे हैं, जबकि भाजपा सरकार हरियाणा के हिस्से का एक हजार क्यूसिक पानी दिल्ली को देकर प्रदेश की जनता के साथ अन्याय कर रही है। उन्होंने कहा कि गांवों में जोहड़ और तालाब सूखे पड़े हैं, जिससे केवल लोगों ही नहीं बल्कि पशु-पक्षियों के सामने भी पानी का संकट खड़ा हो गया है।
विद्रोही ने कहा कि यदि हरियाणा के पास अतिरिक्त पानी उपलब्ध है तो सरकार दिल्ली की सहायता अवश्य करे, लेकिन पहले प्रदेशवासियों की पेयजल आवश्यकताओं को पूरा किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि अहीरवाल और दक्षिणी हरियाणा के लोगों को प्यासा रखकर दिल्ली की प्यास बुझाना न्यायसंगत नहीं कहा जा सकता।
उन्होंने कहा कि जून माह शुरू हो चुका है, लेकिन अभी तक अहीरवाल-दक्षिणी हरियाणा के गांवों में जोहड़ और तालाब सूखे पड़े हैं। यह स्थिति तब है जब प्रदेश की सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी स्वयं दक्षिणी हरियाणा के तोशाम क्षेत्र से विधायक हैं। विद्रोही ने सवाल उठाया कि जब सिंचाई मंत्री अपने ही क्षेत्र के लोगों के हितों की रक्षा नहीं कर पा रही हैं तो उनके पद पर बने रहने का क्या औचित्य है।
वेदप्रकाश विद्रोही ने मुख्यमंत्री और भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश सरकार दिल्ली के नेतृत्व को खुश करने में अधिक रुचि ले रही है, जबकि हरियाणा विशेषकर अहीरवाल क्षेत्र के लोगों की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार के महत्वपूर्ण फैसले हरियाणा के बजाय दिल्ली और नागपुर में बैठे नेतृत्व के निर्देशों पर लिए जा रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि मौसम विभाग के अनुसार इस वर्ष हरियाणा में सामान्य से 12 से 14 प्रतिशत कम वर्षा होने की संभावना है, जिससे आने वाले समय में जल संकट और गंभीर हो सकता है। विद्रोही ने आशंका जताई कि इस संभावित संकट का सबसे अधिक प्रभाव अहीरवाल और दक्षिणी हरियाणा क्षेत्र पर पड़ेगा।









